इजरायल चुनाव में नेतन्याहू आगे, बहुमत से थोड़ा पीछे

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जेरूसलम, 03 मार्च (हि.स.)। इजराइल में कड़े चुनावी मुकाबले में मंगलवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी सबसे आगे लेकिन बहुमत से थोड़ा पीछे है। एक वर्ष से भी कम समय में यह तीसरा राष्ट्रीय चुनाव है।

दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के नेतन्याहू ने इससे पहले मुख्य चुनौतीकर्ता पूर्व सेना प्रमुख बेनी गैंट्ज़ की मध्यमार्गी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के मुकाबले जीत का दावा किया था। एक्जिट पोल के मुताबिक भी उनकी पार्टी पहले स्थान पर आ गई थी। करीब तीन-चौथाई वोटों की गिनती के बाद नेतन्याहू इजराइल की संसद में बहुमत से तीन सीटें कम पाते दिख रहे हैं। यह एक संकेत है कि फिर से गतिरोध पैदा हो सकता है।

अप्रैल और सितंबर में अनिर्णायक रहे चुनावों के बाद 70 वर्षीय नेतन्याहू के लिए यह जीत अहम है। इजरायल के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेता नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के मामलों की छाया में यह चुनाव लड़ना पड़ा है। लगभग 72 फीसदी मतों की गणना के बाद लिकुड पार्टी 35 सीटें और ब्लू एंड व्हाइट को 32 सीटें मिलने की उम्मीद है। दक्षिणपंथी और धार्मिक दलों के साथ नेतन्याहू को 58 सीटें मिल सकती हैं, जो 120 सीटों वाली संसद में बहुमत से थोड़ा कम है। जब तक शेष वोटों की गिनती से कोई बड़ा बदलाव नहीं आ जाता, जटिल राजनीतिक गतिविधियों का एक और दौर शायद इंतजार कर रहा है।

नेतन्याहू ने अपने मजबूत ‘सुरक्षा-पहले’ की नीति पर कड़ा चुनाव अभियान चलाया। दशकों से इजरायल के मतदाताओं को यह नीति प्रभावित करती रही है। बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव में लिकुड के चुनाव मुख्यालय में एक भाषण में उत्साही जनता से कहा कि यह जीत विशेष रूप से प्यारी है, क्योंकि यह सभी बाधाओं के खिलाफ एक जीत है।

इस चुनाव में जीत के बाद नेतन्याहू वेस्ट बैंक और जॉर्डन घाटी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा पेश शांति योजना के तहत यहूदी बस्तियों को बसाने का काम आगे बढ़ा सकते हैं। फिलिस्तीनियों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इससे वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में एक व्यवहार्य राज्य स्थापित करने का उनका सपना मर जाएगा।

 


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