ज्वालामुखी फटने के बाद इंडोनेशिया में हवाई अड्डा बंद

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जकार्ता, 03 मार्च (हि.स.)। इंडोनेशिया का माउंट मेरापी ज्वालामुखी मंगलवार की सुबह फटने से लावा 6 किमी. (3.7 मील) ऊंचाई तक हवा में फैल गया। समीप के घनी आबादी वाले जावा द्वीप के सोलो शहर का हवाईअड्डा बंद कर दिया गया।

सोलो शहरों के पास स्थित यह ज्वालामुखी इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। इससे पहले 2010 में ज्वालामुखी के विस्फोटों की एक श्रृंखला में 350 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इंडोनेशिया के विमानन अधिकारियों ने रेड अलर्ट जारी किया और कहा कि राख का बादल उत्तर की ओर बढ़ रहा था। इंडोनेशिया के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने कहा कि सोलो में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थानीय समयानुसार सुबह 9.25 बजे से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इसके कारण चार उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने लोगों को मेरापी के आसपास 3 किमी. के दायरे से बाहर रहने की चेतावनी दी है। योग्याकार्ता की आपदा एजेंसी के प्रमुख बायवारा युसवंताना ने कहा कि 3 किमी. के दायरे से बाहर यह अभी भी सुरक्षित है। यह शहर ज्वालामुखी से लगभग 30 किमी. दूर स्थित है।

देश के जियोलॉजिकल डिजास्टर टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर ने एक बयान में बताया है कि नवीनतम विस्फोट 2018 में शुरू हुई एक श्रृंखला का हिस्सा है। सेंटर ने बताया कि विस्फोट लगभग आठ मिनट तक चला और मैग्मा की लगातार सक्रियता के कारण आगे भी विस्फोट होने का खतरा है। 2,930 मीटर (9612.86 फीट) ऊंचा यह ज्वालामुखी पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय स्थान है और इसकी उपजाऊ मिट्टी में भी खेती की जाती है।

 


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