लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही ​बिहार में सीटों के बंटवारे एवं प्रत्याशियों के चयन पर तेज होगा मंथन

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पटना,05 मार्च (हि.स.)। लोकसभा चुनाव—2019 की तारीख की अगले सप्ताह घोषणा के साथ प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच सीटों के बंटवारे के साथ उम्मीदवारों पर मंथन तेज होगा। एनडीए में शामिल तीन दलों के बीच सीटों का बंटवारा हो गया है। जदयू और भाजपा 17—17 और लोजपा 06 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अब किस पार्टी को कौन सी सीट मिलेगी और कौन कहां से उम्मीदवार होगा,यह तय होना है। वहीं महागठबंधन अब भी सीटों के बंटवारे के पेंच में ही फंसा है। राजद ने 18—20 सीटों पर लड़ने के साथ शेष सीटें सहयोगी कांग्रेस,रालोसपा,हम,लोजद और वीआईपी के बीच बांटने की हामी भरी है।
बिहार में फ्रंटफूट पर खेलने का दम भरी कांग्रेस को बंटवारे में मुश्किल से 10—11 सीटें मिलने के आसार हैं। रालोसपा को जद्दोजहद के बाद तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका पाकर संतोष करना पड़ सकता है। एनडीए के प्रदेश नेताओं की अगले दो—तीन दिनों में बैठक कर सीट व उम्मीदवारों पर चर्चा हो सकती है। फिलहाल बिहार में भाजपा विरोधी दलों के एकजुट होने के आसार धूमिल है। भाकपा बेगूसराय सीट को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहती। भाकपा माले को दो सीटे दी जा सकती है। वहीं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने तीन सीटों का दावा किया है जबकि राजद उसे एक सीट देना चाहती है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने तीन और रालोसपा ने महगठबंधन पर पांच सीटों का दावा बनाया है।
चुनाव नजदीक देख दल—बदल करने का सिलसिला भी तेज हो गया है। हाल में ही एक दर्जन से अधिक नेताओं ने अपना दल बदला है । पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री नागमणि ने जदयू का दामन थामने की घोषणा की है। इसके पहले लवली आनंद कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह शुरू से कांग्रेस का उम्मीदवार बन मुंगेर में जदयू प्रत्याशी ललन सिंह को मुकाबला देने की घोषणा कर चुके हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव की अगुआई वाले लोकतांत्रिक जनता दल से शरद के अलावा उदय नारायण चौधरी, अजुर्न राय व रमई राम भी उम्मीदवार बनने की तैयारी में हैं। जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार की भी कांग्रेस से नजदीकी बना महागठबंधन का उम्मीदवार बनने की कोशिश में हैं। महागठबंधन में शामिल दलों में सीटों की दावेदारी और उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण परेशानी बनी है। राजद नेता तेजस्वी यादव अब तक चार बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके है लेकिन सीटों पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।
नागमणि टिकट की जुगाड़ में जदयू में होंगे शामिल: टिकट की जुगाड़ में नागमणि ने जदयू में शामिल होकर उपेन्द्र कुशवाहा के ही खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर रहे हैं। वहीं पूर्व मंत्री श्रीभगवान सिंह ने भी रालोसपा छोड़ जदयू का दामन थाम लिया है। डॉ.महाचंद्र सिंह भी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) से मोतिहारी,मुजफरपुर,बेगूसराय या नवादा में जहां से मौका मिले चुनाव लड़ना चाहते हैं। पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह जदयू में शामिल होने के बाद बांका से चुनाव लड़ने की कोशिश में हैं।
एनडीए के भी कुछ नेता इधर—उधर जुगाड़ करने में लगे है। इस कैटेगरी में लोजपा के नेता ज्यादा है। राम किशोर सिंह एनडीए के साथ महागठबंधन में भी जगह बनाना चाहते है। लोजपा सांसद चौधरी महबूब अली कैसर अपनी सीट को लेकर निश्चिंत नहीं है। पहले वह महागठबंधन में जाना चाहते थे लेकिन अब परिस्थिति के अनुसार चलना चाहते है। ललन पासवान लोजपा का अलग गुट चला रहे है लेकिन उनकी नजर सासाराम सीट पर है। वह इसके लिए जदयू और भाजपा के शीर्ष नेताओं के संपर्क में है। लोकसभा चुनाव में छोटे दल भी अपने—अपने ताल ठोकने का दावा करेंगे। कई छोटे दल गठबंधन के बैनर तले चुनाव लड़ने की आस में है तो कई दल अपने भरोसे ही चुनाव लड़ेंगे। राकांपा— राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) यूपीए के साथ गठबंधन करने को तैयार है लेकिन महागठबंधन की ओर से उसे अभी तक कोई आफर नहीं आया है। पिछली लोकसभा चुनाव में जीते पार्टी के तारिक अनवर इस बार कांग्रेस में शामिल हो गये है। रांकपा इसी आधार पर कटिहार पर अपना दावा जता रही है। लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) भी तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रहा है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव, पूर्व सांसद अर्जुन राय व बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी चुनाव लड़ना चाहते । इसके लिए ये सभी महागठबंधन से लगातार बातचीत कर रहे है। समाजवादी पार्टी भी लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन पार्टी महागठबंधन के फैसले का इंतजार कर रही है।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री देवेन्द्र प्रसाद यादव झंझारपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। आम आदमी पार्टी पहले पांच सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना रही थी लेकिन अब प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू का कहना है कि पार्टी 20 से 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जिन लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी संगठन मजबूत है वहां पार्टी उम्मीदवार खड़ा करेगी। पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।


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