भाजपा का देशवासियों से आह्वान, 2019 में मोदी को फिर बनाएं प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। नरेन्द्र मोदी को वर्ष 2019 में दोबारा देश की बागडोर सौंपने के लिए जनता से आह्वान के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राष्ट्रीय परिषद का दो दिवसीय सम्मेलन आज यहां सम्पन्न हो गया।
ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित इस सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित सभी शीर्ष नेताओं ने मोदी के निर्णायक नेतृत्व और उनकी सरकार की असाधारण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे पूरे विश्वास के साथ आक्रामक चुनाव अभियान चलाएं तथा मतदाताओं के सामने विपक्ष के अवसरवादी महागठबंधन का पर्दाफाश करें। प्रधानमंत्री ने अपने समापन संबोधन में देशवासियों से कहा कि वे ऐसा प्रधान सेवक चुनें जो उनके हितों की रखवाली करे। ऐसे व्यक्ति को सेवक न बनाएं जो उनके साथ विश्वासघात करे। उन्होंने ‘मजबूर सरकार की बजाय मजबूत सरकार’ चुनने का भी आग्रह किया ताकि भ्रष्टाचारियों को लूट-खसोट का अपना धंधा चलाने का अवसर न मिले।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में स्वीकृत राजनैतिक प्रस्ताव में भाजपा ने कहा कि मतदाताओं के सामने नरेन्द्र मोदी का प्रभावी सुशासन और उसके विकल्प में विपक्ष का हताशा भरा कुशासन है। भाजपा को विश्वास है कि मतदाता प्रभावी सुशासन और मोदी के प्रेरक नेतृत्व पर ही मुहर लगाएंगे।
राजनैतिक प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पेश किया और उसका अनुमोदन वित्तमंत्री अरुण जेटली आदि नेताओं ने किया। हर्षित करतल ध्वनि के बीच स्वीकार किए गए इस प्रस्ताव में किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए पिछले चार साल में चलाई गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और उनकी उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
राजनैतिक प्रस्ताव में विपक्ष की महागठबंधन की राजनीति पर हमला बोलते हुए कहा गया कि यह बेमेल गठजोड़ नरेन्द्र मोदी के प्रति नफरत के आधार पर बनाया जा रहा है। अतीत में भी ऐसी गठजोड़ सरकारें बनीं, जिनका जीवन चार महीने से एक साल तक चला। यह सब 1990 के दशक में हुआ और 2019 का भारत बदल चुका है। देशवासी आज स्थिरता और अस्थिरता के बीच स्थिर सरकार का ही चुनाव करेंगे। प्रस्ताव में युवा मतदाताओं विशेषकर पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं का आह्वान किया गया कि वे शत-प्रतिशत मतदान कर मोदी की जीत का मार्ग प्रशस्त करें।
रामलीला मैदान में राष्ट्रीय परिषद का यह आयोजन एक तरह से इतिहास की पुनरावृत्ति होने जैसा था। राजनैतिक प्रस्ताव में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2014 में इसी रामलीला मैदान में भाजपा का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ था, जिसमें कमान नरेन्द्र मोदी को सौंपी गई थी और चुनाव में जनादेश हासिल किया गया था। उस समय कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार, नीतियों के नकारापन और भगवा आतंकवाद जैसे दुष्प्रचार के खिलाफ जनता ने जनादेश दिया था। वर्ष 2019 के इस आयोजन के समय देश के सामने निर्णायक नेतृत्व और राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं से भरे अवसरवादी नेताओं के बीच चुनाव का मौका है। पार्टी ने मतदाताओं से मोदी के नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखने और कार्यकर्ताओं से विजय की नई इबारत लिखने का आह्वान किया।
‘सबका साथ सबका विकास’ नारे को अमलीजामा पहनाने के लिए मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं का ब्यौरा देते हुए राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि के आंकड़ों से स्पष्ट हुआ है कि पिछले साढ़े चार साल में बड़ा मात्रा में रोजगार सृजन हुआ है। आधारभूत ढांचे के विकास की परियोजनाओं के जरिए भी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला है। मुद्रा योजना और स्टैंडअप इंडिया के तहत 15 करोड़ से अधिक लोगों को कर्ज दिए गए हैं। इनके जरिए भी करोड़ों की संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। कॉमन सर्विस सेंटर की संख्या तीन लाख तक पहुंच गई है और इनके जरिए भी लोगों को रोजगार मिला है।
सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण देने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए राजनैतिक प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार हर गरीब की चिंता कर रही है। सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण दिया गया है। साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में कोई कटौती नही की गई है।


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