स्वामी विश्वेश तीर्थ की स्मृतियां प्रेरणा व प्रकाश बन पथ-प्रदर्शन करती रहेंगी: संघ

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88 वर्षीय स्वामी विश्वेश तीर्थ रविवार सुबह साढ़े नौ बजे ब्रह्मलीन हो गए। वह काफी समय से बीमार थे।



नई दिल्ली, 29 दिसम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को पेजावर मठ के प्रमुख स्वामी विश्वेश तीर्थ के निधन पर दुख जताते हुए श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी अग्रणी भूमिका का स्मरण किया है। संघ ने कहा कि श्रीराम मंदिर के निर्माण का पथ तो निष्कंटक हो गया है लेकिन निर्माण कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व उनका चले जाना दुखद है। ऐसे आध्यात्मिक संत की स्मृतियां प्रेरणा व प्रकाश बन हम सबका पथ-प्रदर्शन करती रहेंगी।
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश जोशी उपाख्य भैयाजी ने संयुक्त बयान जारी कर स्वामी विश्वेश तीर्थ के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धाजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि हम उनकी पवित्र स्मृति में अपनी व्यक्तिगत तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
बयान में कहा गया कि स्वामी पेजावर स्वामी विश्वेश तीर्थ जी का वैकुंठलीन होना हम सब के लिए बहुत बड़ी हानि है। दैवी संपदायुक्त, देश और धर्म की चिंता में नित्य प्रयासरत, उनका सौम्य, शांत, प्रसन्न व शीतल व्यक्तिव हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए बहुत बड़ा आधार था। उनका स्पष्ट व स्नेहिल परामर्श कितनी ही कठिन समस्याओं को बहुत सरल बना देता था। वट वृक्ष की शीतल छांव जैसा उनका सान्निध्य अब हमको नहीं मिलेगा। ऐसे आध्यात्मिक संत को हम पार्थिव रूप में नहीं देख पाएंगे, परन्तु उनकी स्मृतियां, प्रेरणा व प्रकाश बन हम सबका पथ-प्रदर्शन करती रहेंगी।

 


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