हरीश रावत को भारी पड़ रही सिब्बल की फीस

0

स्टिंग प्रकरण में सीबीआई के घेरे में फंसे हैं पूर्व मुख्यमंत्री-किशोर उपाध्याय और समर्थकों ने जुटाए सवा लाख रूपये



देहरादून, 01 नवंबर (हि.स)।  स्टिंग प्रकरण में सीबीआई के चंगुल में फंसे पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत को अपनी ही पार्टी के जाने माने वकील कपिल सिब्बल की फीस चुकाना भारी पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार अपने समर्थकों के बीच कई बार हरीश रावत इस तकलीफ को बयान कर चुके हैं। इस तरह की स्थिति देखते हुए अब कांग्रेस नेताओं ने उनकी मदद के लिए आगे आना शुरू कर दिया है। सबसे पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय आगे आए हैं, जिन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर हरीश रावत की फीस के लिए सवा लाख रूपये का इंतजाम किया है।
2016 में राष्ट्रपति शासनके दौरान अपनी सरकार की भाली बहाली के लिए जिस वक्त हरीश रावत संघर्षरत थे, तब उनका एक चैनल के सीईओ ने स्टिंग कर लिया था। इस स्टिंग के आधार पर हरीश रावत पर विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोप लगे हैं। तत्कालीन राज्यपाल केके पाॅल की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच बैठा दी थी। कुछ दिन पहले ही सीबीआई ने हाईकोर्ट की अनुमति लेकर इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में रावत के अलावा, राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और चैनल के सीईओ उमेश शर्मा का जिक्र किया गया है।
शुरूआत से ही जाने माने वकील कपिल सिब्बल इस मामले में हरीश रावत की पैरवी कर रहे हैं। इस मामले में सुनवाई की नई नई तारीख सामने आ रही है। हाईकोर्ट ने अब अपनी ताजा सुनवाई में इस मामले में जनवरी की डेट लगा दी है। सूत्रों के मुताबिक, हरीश रावत सुनवाई आगे बढ़ने से इसलिए भी असहज हो रहे हैं, क्योंकि कपिल सिब्बल को उन्हें पैरवी के लिए अच्छी खासी फीस चुकानी पड़ रही है। वैसे, पूरी कांग्रेस पार्टी इस समय अपने नेताओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई का जवाब देने के लिए सड़कों पर आ रही है। कपिल सिब्बल खुद केंद्र की मोदी सरकार पर जब भी मौका मिल रहा है, कडे़ प्रहार कर रहे हैं।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *