अरुणाचल से पलायन को मजबूर दूसरे राज्यों के श्रमिक

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इनर लाइन परमिट को लेकर हो रही धर-पकड़



चराईदेव (असम), 29 अक्टूबर (हि.स.)। असम के पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश से बिना इनर लाइन परमिट वाले श्रमिक पलायन करने को मजबूर हैं। श्रमिकों का कहना है कि जिनके पास इनर लाइन परमिट है, वे भी अरुणाचल छोड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश सरकार और स्थानीय छात्र संगठन लगातार अभियान चलाकर दूसरे राज्यों के लोगों को पकड़ रहे है। इसके चलते सभी तरह के श्रमिक और मिस्त्री अरुणाचल प्रदेश छोड़ने को बाध्य हैं।

बताया गया है कि असम के सीमावर्ती जिला चराईदेव से लगने वाले अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग, तिराप आदि जिलों में काम करने वाले बड़ी संख्या में श्रमिक, मिस्त्री आदि इनर लाइन परमिट को लेकर चलाए जा रहे तलाशी अभियान से परेशान होकर अरुणाचल छोड़ चुके हैं। पलायन करने वाले श्रमिकों ने चराईदेव जिले के कानूबाड़ी के रास्ते असम में प्रवेश किया है। इसमें बड़ी संख्या में नगांव जिले के अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हैं।

ये सभी श्रमिक रविवार की शाम को कानूबाड़ी पहुंचे जहां से नाइट सुपर बस के जरिए नगांव की ओर रवाना हुए। अरुणाचल से लौटे श्रमिकों ने बताया कि उनके साथ गया 16 सदस्यीय दो दल गत 25 अक्टूबर को लौट आया है, जबकि रविवार को 13 सदस्यीय श्रमिकों और मिस्त्री का एक दल अरुणाचल से असम लौट आया। श्रमिकों ने बताया कि सभी लोग नगांव जिले के ठेकेदार जमालुद्दीन अली के बुलावे पर अरुणाचल के विभिन्न हिस्सों में काम करने के लिए गए थे। इसको लेकर लोगों में कई तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है।

 


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