जम्मू-कश्मीर को व्यापारिक केंद्र बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी सरकार

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डॉ जितेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए स्पष्ट किया कि अब जम्मू-कश्मीर या लद्दाख के किसी भी क्षेत्र में कोई भेदभाव नहीं होगा।



नई दिल्‍ली, 31 अगस्‍त (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद वहां व्‍यापार को कैसे बढ़ाया जाए और व्यापारी किस प्रकार सरकार के साथ सहयोग कर सकतें है। इस मसले पर कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्‍ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्‍व में एक प्रतिनिधिमंडल जम्मू के व्यापारी नेताओं के साथ केंद्रीय वाणिज्य मंत्री व रेलमंत्री पीयूष गोयल और पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह से नई दिल्ली में मिलकर जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में व्यापार संभावनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने दोनों मंत्रियों को बताया कि देश के व्यापारी अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कारोबार के बड़े अवसर देखते हैं, लेकिन निश्चित रूप से सरकार  को जम्मू-कश्मीर को सबसे अच्छे व्यापारिक केंद्रों में से एक बनाने की नीतियों को बनाने की आवश्‍यकता है। ताकि वहां के व्यापारियों को भारत के बाकी हिस्सों में अपना कारोबार बढ़ाने का पर्याप्त अवसर मिले सके।
प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि जम्मू-कश्मीर में व्यापार समन्वय कमेटी का गठन किया जाए जो कारोबारी माहौल बनाने में मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अभी सेब का मौसम है। प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए पीयूष गोयल ने जम्मू-कश्मीर में व्यापार के बारे में कैट द्वारा उठाए गए मुद्दों की सराहना की और कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में व्यापार वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार की ओर से सभी समर्थन देने का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया।
डॉ जितेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए स्पष्ट किया कि अब जम्मू-कश्मीर या लद्दाख के किसी भी क्षेत्र में कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर को धरती का स्वर्ग के तौर पर फिर से बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कश्मीर की अर्थव्यवस्था को फिर पुनर्जीवित करने के लिए व्यापारियों को अहम भूमिका निभानी होगी। सिंह ने इसके लिए कारोबारी समुदाय से सहयोग भी मांगा।

 


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