करतारपुर गलियारा को लेकर भारत-पाकिस्तान की तकनीकी कमेटी के अफसरों ने की बैठक

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बैठक में भारत और पाकिस्तान को जोड़ने वाले मार्ग और इधर से उधर जाने के लिए श्रद्धालुओं को वीजा-मुक्त करने के प्रावधान पर चर्चा हुई। हालांकि इस बैठक को अंतिम पड़ाव की बैठक माना जा रहा था परन्तु ऐसे संकेत मिले है कि एक अन्य बैठक करतारपुर गलियारा को लेकर सितंबर माह में हो सकती है।



गुुरदासपुर/चण्डीगढ़, 30 अगस्त (हि.स. )। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाये जाने के बाद करतारपुर गलियारा को लेकर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की पहली बैठक शुक्रवार को पंजाब के जिला गुरदासपुर के क्षेत्र डेरा बाबा नानक में भारत-पाक सीमा पर स्थित जीरो लाइन पर हुई। इस बैठक में दोनों देशों की तकनीकी टीम के 15-15 अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में भारत और पाकिस्तान को जोड़ने वाले मार्ग और इधर से उधर जाने के लिए श्रद्धालुओं को वीजा-मुक्त करने के प्रावधान पर चर्चा हुई। हालांकि इस बैठक को अंतिम पड़ाव की बैठक माना जा रहा था परन्तु ऐसे संकेत मिले है कि एक अन्य बैठक करतारपुर गलियारा को लेकर सितंबर माह में हो सकती है। बैठक के बाद पाकिस्तान की तरफ से वहां पर मौजूद लोगों ने पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे भी लगाये।
करतारपुर गलियारा निर्माण को लेकर दोनों देशों के विशेषज्ञों के मध्य यह चौथी बैठक थी जबकि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाये जाने और दोनों देशों के मध्य बढ़ी तनातनी के बाद यह पहली बैठक थी। बैठक में भारत की तरफ से लैण्ड पोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया, बीएसएफ व अन्य एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में डेरा बाबा नानक (भारत) से करतारपुर साहिब (पाकिस्तान ) के मध्य बनने वाले गलियारा को लेकर चर्चा हुई, जिसमें दोनों देशों के मध्य पड़ती रावी नदी के पुल को कहां से जोड़ा जाये और इसके लिए सर्विस लेन बनाने पर विचार हुआ।
उल्लेखनीय है कि करतारपुर साहिब में सिख पंथ के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने अपनी जिन्दगी के अंतिम वर्ष गुजारे थे। नानक देव जी का 550वें प्रकाश पर्व का समारोह इस बार पाकिस्तान में नवंबर माह मेें होने जा रहा है। श्री करतारपुर साहिब में सिख श्रद्धालु बिना लंबी औपचारिकताओं के आ-जा सकें, इसके लिए दोनों देश गलियारा बनाने के लिए सहमत हुए थे। गलियारा निर्माण का काम जारी है।
बैठक के उपरांत नेशनल हाइवे अथारिटी के मुख्य इंजनियर डीएस चाहल ने चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बैठक में तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई और अगर जरूरत पड़ी तो एक अन्य बैठक भी बुलाई जा सकती है, जो संभवत: सितंबर के दूसरे सप्ताह में हो सकती है।

 


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