पटना, 30 अगस्त (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को एकबार फिर ट्वीट के जरिये पूर्व आईएएस अधिकारी केपी रमैया पर निशाना साधते हुये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने की कोशिश की।
अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आंखों का तारा भ्रष्ट आईएएस अधिकारी केपी रमैया तीन हजार करोड़ के सृजन घोटाले में संलिप्त है। बिहार महादलित विकास मिशन के सीइओ के मात्र 25 दिनों के कार्यकाल में इन्होंने करोड़ों को गबन किया। इनामस्वरूप मुख्यमंत्री साहब ने उन्हें वीआरएस देकर 2014 का लोकसभा चुनाव लड़वाया। तेजस्वी यादव यहीं पर नहीं रुके। इसके बाद तुरंत बाद किये गये दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि अनेक घोटालों में लिप्त भ्रष्ट अधिकारी केपी रमैया को नीतीश कुमार की पुलिस कभी गिरफ्तार नहीं कर सकी। इनकी जमानत पर मीडिया में खबरें छप रही है। इस रिटायर्ड अधिकारी में ऐसा क्या है, जिसके काले कारनामों को छिपाने में सीएम व्यक्तिगत रुचि ले रहे हैंं।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि सृजन घोटाले के जनक केपी रमैया को नीतीश कुमार ने हमेशा मनचाही पोस्टिंग दी और हर जगह उन्होंने सीएम की सहमति से मनमर्जी के घोटाले किये। वीआरएस देकर लोकसभा चुनाव भी लड़वाया और हार के बाद फिर लैंड ट्रिब्यूनल में बैठा दिया, वहां भी उन्होंने खूब खेला किया? नीतीश जी ने उन्हें कभी अरेस्ट नहीं करवाया। इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का दुलारा, प्यारा और आंखों का तारा, यह भ्रष्ट अधिकारी इतना रसूखदार है कि इसके चलते न्यायपालिका पर भी खबरें छप रही हैं। सीएम चुप हैं क्योंकि वो हर घोटाले की कड़ी है। कहां है सीबीआई, जो रमैया के खासमखास सृजन घोटाले के मुख्य अभियुक्तों को दो साल बाद भी अरेस्ट नहीं कर पायी है।
