नई दिल्ली/ जम्मू, 05 अगस्त (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच दिल्ली में सोमवार को चल रही केंद्रीय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई। गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में सुबह 11 बजे और लोकसभा में दोपहर 12 बजे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के फैसले की जानकारी देंगे।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को कैबिनेट की बैठक प्रधानमंत्री के आवास पर की गई। सूत्रों के अनुसार सरकार ने जम्मू-कश्मीर पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। चूंकि संसद सत्र चल रहा है, इसलिए कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी प्रेस को नहीं दी गई है। अमित शाह इसकी जानकारी पहले राज्यसभा उसके बाद लोकसभा में देंगे।
जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर संसद में हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस ने दोनों सदनों में स्थगन नोटिस दिया और कार्यवाही से पहले गुलाम नबी आजाद के चेंबर में बैठक की। इसके अलावा महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी और माकपा नेता भी राज्यसभा में कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे।
गृह मंत्री राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर में आर्थिक पिछड़े वर्गों को 10 फीसदी आरक्षण संबंधी विधयेक पेश करेंगे। यह बिल 28 जून में लोकसभा से पास हो चुका है। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल 2019 में कश्मीर में सीमा से सटे इलाकों के नागरिकों को विशेष आरक्षण देने का प्रावधान किया है। उधर, जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद हलचल बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है। जम्मू में ऐहतियातन स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिए गए हैं।
दरअसल आतंकी हमले की आशंका और नियंत्रण रेखा पर तनातनी बढ़ने के बीच कश्मीर घाटी में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाबलों की तैनाती और बढ़ा दी गई है। घाटी में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं।यूनिर्वसिटी की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। जम्मू और श्रीनगर में धारा-144 लगा दी गई है।
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अपने आवास पर आपात बैठक की, जिसमें पुलिस महानिदेशक, मुख्य सचिव समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे। बताया जाता है कि कश्मीर में केबल टीवी नेटवर्क का प्रसारण भी रोक दिया गया है।
