लंदन/ बर्लिन, 04 अगस्त (हि.स.)। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सैनिकों की अतिरिक्त तैनाती के आदेश दिए हैं। इसके बाद जहां पाकिस्तान विचलित है, वहीं ब्रिटेन और जर्मनी ने अपने नागरिकों को जम्मू-कश्मीर की यात्रा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। यह जानकारी रविवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।
विदित हो कि आतंकी खतरे के मद्देनजर अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को जम्मू-कश्मीर से 2 अगस्त को लौटने के लिए कहा गया। इसके बाद ब्रिटेन ने शनिवार (3 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने के संबंध में अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की।
विदेश कार्यालय ने ब्रिटिश नागरिकों को जम्मू-कश्मीर की यात्रा न करने की सलाह दी। इसके साथ तीन चेतावनियां भी दी हैं जिसमें सिर्फ जम्मू शहर के अंदर ही यात्रा करना, हवाई मार्ग से जम्मू जाना और लद्दाख के अंदर ही यात्रा करना शामिल हैं।
सलाहकारी में कहा गया है कि अगर बहुत जरूरी हो, तभी श्रीनगर शहर में जाएं। श्रीनगर और जम्मू के बीच पड़ने वाले शहरों की यात्रा करने के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से आने-जाने से बचें। पर्यटन स्थल पहलगाम, गुलमर्ग और सोनमर्ग की यात्रा के खिलाफ भी सलाह दी गई है।
ब्रिटेन के बाद जर्मनी ने भी अपने नागरिकों को जम्मू-कश्मीर की यात्रा न करने के लिए एक यात्रा परामर्श (एडवाइजरी) जारी किया है और कश्मीर घाटी या अमरनाथ यात्रा मार्ग से लगे इलाकों में रुके लोगों से राज्य छोड़ने के लिए कहा है। जर्मनी ने कहा है, ‘कश्मीर यात्रा की सख्त मनाही है। ‘
परामर्श , ‘पूरे क्षेत्र में विदेशियों के खिलाफ हमलों से इनकार नहीं किया जा सकता है, जिसमें अपहरण की घटना भी शामिल हो सकती है।’ परामर्श में आगे कहा गया है कि श्रीनगर सहित कश्मीर इलाके में यात्रा की सलाह नहीं दी जाती है।
