कामयाबी की सुनहरी इबारतः बिहार के आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

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आरके श्रीवास्तव ने पाइथागोरस थ्योरम को 50 से ज्यादा तरीकों से किया सिद्धनाइट क्लासेस के लिए आरके का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड में भी है दर्ज 



पटना, 27 जून (हि.स.)। पाइथागोरस थ्योरम को क्लासरूम प्रोग्राम में 52 अलग-अलग तरीके से बिना रुके सिद्ध करके दिखाने पर आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस लंदन में दर्ज हो गया है। श्रीवास्तव ने एकबार फिर ये साबित कर दिया है कि वे सही मायने मे मैथेमैटिक्स गुरु हैंं।
आरके श्रीवास्तव ने अपने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन हिम्मत और लगन के दम पर उन्होंने एकबार फिर खुद को साबित कर दिखाया है। आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस की ओर से प्रकाशित किताब में दर्ज किया गया है। किताब में जिक्र किया गया है कि आरके श्रीवास्तव ने पाइथागोरस थ्योरम को क्लासरूम प्रोग्राम में 52 अलग-अलग तरीके से बिना रुके सिद्ध करके दिखाया है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन के संरक्षक ब्रिटिश पार्लियामेंट के सांसद वीरेंद्र शर्मा, चेयरमैन दिवाकर सुुकुल, प्रेसिडेंट संतोष शुक्ला ने आरके श्रीवास्तव को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्डस सम्मान से सम्मानित होने पर उन्हें बधाई दी।
इससे पहले भी नाइट क्लासेस के लिए आरके श्रीवास्तव का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में नाम दर्ज हो चुका है। 182 क्लास से अधिक बार पूरी रात लगातार 12 घण्टे शिक्षा देने के लिए आरके श्रीवास्तव का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस में भी दर्ज हो चुका है। तब किसे पता था कि अपनी छोटी से कुटिया में अपनी आर्थिक तंगी से त्रस्त आरके श्रीवास्तव कामयाबी की सुनहरी इबारत लिख देंगे। उन्होंने पूरी लगन और निष्ठा से पढ़ाई की और जब जिंदगी के मैदान में सफल हुए तो फैसला कर लिया कि अब गांव का कोई बच्चा पैसे के अभाव में पढ़ाई नहीं छोड़ेगा।
बिहार के एक छोटे से गांव विक्रमगंज के निवासी श्रीवास्तव ने गरीब असहाय बच्चों को मात्र आठ रुपये महीने में आईआईटी, एनआईटी ए बीसीईसीई में सफलता दिलाकर उन्हें इंजीनियर बनाया है। बच्चों को इंजीनियर बनाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। आज उसी का नतीजा है कि आरके श्रीवास्तव देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने में लोगों के बीच मैथेमैटिक्स गुरु के नाम से जाने जाते हैं। श्रीवास्तव आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को अपनी जेब खर्च से पुस्तक और कॉपी तक मुहैया कराते हैं। श्रीवास्तव अपनी कामयाबी का मूल मंत्र अपनी लगन और मेहनत को मानते हैं। साथ-साथ उन्होंने आज से पांच वर्ष पहले राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का भी स्नेह प्राप्त होने की बात कही है, जिन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में खुद को सिद्ध करने का मौका दिया।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 15 मई को कॉमेडियन कपिल शर्मा का नाम भी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स लंदन में दर्ज हुआ। अब बिहार के आरके श्रीवास्तव को उनके शैक्षणिक कार्यशैली के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्डस लंदन ने सम्मानित किया गया।

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