ममता ने तीन जून को विधायक व मंत्रियों की बुलाई आपात बैठक

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पश्चिम बंगाल में भाजपा की 18 लोकसभा सीटों पर जीत ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में टूट की आशंका को और अधिक बढ़ा दिया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष समेत अन्य नेता तृणमूल कांग्रेस की सरकार गिरने का लगातार दावा कर रहे हैं। 



कोलकाता, 02 जून (हि.स.)।पश्चिम बंगाल में भाजपा की 18 लोकसभा सीटों पर जीत ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में टूट की आशंका को और अधिक बढ़ा दिया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष समेत अन्य नेता तृणमूल कांग्रेस की सरकार गिरने का लगातार दावा कर रहे हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सभी विधायक एवं मंत्रियों की तीन जून को आपात बैठक बुलाई है। तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री बनर्जी पार्टी के सभी विधायक एवं मंत्रियों के साथ बैठक करेंगी। हालांकि, इस प्रस्तावित बैठक के संदर्भ में कहा जा रहा है कि इसमें आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्यभर में सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर विचार किया जाएगा, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञ इसे भाजपा की बढ़त की वजह से सरकार गिरने का डर बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार की उपलब्धियों को बताने के लिए अमूमन किसी भी राज्य की मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल की बैठक करती हैं, लेकिन सचिवालय में सभी विधायकों को लेकर मुख्यमंत्री की बैठक इस बात का संकेत है कि वह न केवल सरकारी कार्यों को लेकर बात करना चाहती हैं, बल्कि सांगठनिक मजबूती और अपने विधायकों की विश्वसनीयता को भी परखने में जुटी हुई हैं। यदि इस बैठक में कोई भी विधायक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सूचना दिए बगैर अनुपस्थित रहता है तो वह पार्टी में टूट का संकेत होगा।
विधाननगर के मेयर और राजारहाट से विधायक सब्यसाची दत्त, उत्तर 24 परगना के पानीहाटी से विधायक निर्मल घोष और राज्य के अन्य विधायकों पर विशेष तौर पर नजर रहेगी। सूत्रों का कहना है कि मुकुल रॉय के संपर्क में रहने वाले करीब 40 से अधिक विधायक लगातार भाजपा से अंदर खाने बातचीत कर रहे हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि ये विधायक कभी भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ सकते हैं। इसलिए माहौल को भांपते हुए मुख्यमंत्री ने यह बैठक बुलाई हैं।

 


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