बलिया ‘गुलामी’ के खिलाफ बागी हुआ तो मोदी ‘गरीबी’ के खिलाफ: पीएम.

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मऊ, 14 मई (हि.स.)। लोकसभा चुनाव-2019 के आखिरी चरण में 19 मई को होने वाले मतदान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बागी बलिया के नाम से विख्यात मंगल पाडेय की धरती से भाजपा विजय संकल्प रैली को संबोधित किया। भदोही के सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त बलिया लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। बलिया के माल्देपुर मोड़ पर ग्राम हैबतपुर में आयोजित इस रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बलिया गुलामों के खिलाफ बागी हो हुआ तो मोदी गरीबी के खिलाफ बागी हो गया।
जनसभा को संबोधित करने की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने भोजपुरी भाषा में करते हुए कहा कि बलिया और सलेमपुर लोकसभा सीट के रउवा सबके प्रणाम करत बानी। शेरे बलिया चित्तू पांडे जी, वीर कुंवर सिंह जी के नमन करत बानी। यही धरती के सपूत युवा तुर्क उपाधि से सुशोभित स्वर्गीय चंद्रशेखर जी के नमन करत बानी और अपनी तरफ से श्रद्धांजलि देत बानी। यहां बलिया, सलेमपुर और पूर्वांचल के दूसरे हिस्सों से भी सभी लोग पधारे हैं। सभी का अभिनंदन हैं। इससे पहले मई के महीने में ही मैं आपके बीच आया था। तब क्रांतिवीरों की धरती से गरीब बहनों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली उज्जवला योजना शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से आज देश की 7 करोड़ से अधिक गरीब बहनों की रसोई में मुफ्त गैस कनेक्शन पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए बलिया बागी हुआ था। इसलिए देश की गरीब बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए यहीं से इस योजना की शुरुआत की गई। महामिलावट वाले सपा, बसपा, कांग्रेस यह सारे एक ही काम में जुट गए हैं। मोदी को गाली दो, गाली दो, गाली दो। ऐसा कोई दिन नहीं है जब मोदी के लिए उनके मुंह से गाली न निकलती हो। छह चरणों के चुनाव के बाद यह बौखलाहट है। हार की हताशा साफ-साफ दिख रही है लेकिन मैं  इनकी गलियों को प्रसाद मानता हूं। इनकी गालियों का जवाब मोदी को नहीं देना पड़ेगा बल्कि देश की जनता जनार्दन देगी। इसी हताशा में अब महामिलावटी लोग पूछ रहे हैं कि मोदी की जाति क्या है। साथियों यह बुआ और बबुआ दोनों मिलकर जितने साल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, उससे ज्यादा समय मैं गुजरात का सीएम रहा। मैंने अनेक चुनाव लड़े भी और लड़ाए भी हैं लेकिन कभी अपनी जाति का सहारा नहीं लिया। मैं पैदा भले ही अति पिछड़ी जाति में हुआ हूं  लेकिन मेरा लक्ष्य हिंदुस्तान को दुनिया में अगड़ा बनाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी योगी जी बता रहे थे कि मेरे दिमाग में जाति नहीं है, मेरे जेहन में जाति नहीं है। इसलिए गैस, गैस का चूल्हा, शौचालय और आवास भी जाति पूछ कर नहीं दिया। इसलिए जाति के नाम पर वोट भी नहीं मांग रहा हूं। ना देता हूं जाति के नाम पर, ना लेता हूं जाति के नाम पर। मुझे तो अपने देश के लिए जीना है। इसलिए वोट भी देश के लिए मांगता हूं। मैं यह नहीं चाहता कि आपकी संतान आपकी तरह पिछड़ी हुई जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो। मैं नहीं चाहता कि आपकी संतानों को विरासत में पिछड़ापन मिले। मैं नहीं चाहता कि आपके बच्चों को विरासत में गरीबी मिले। पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही इस स्थिति को मुझे बदलना है। इसलिए आपका आशीर्वाद चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने गरीबी के पिछड़ेपन को भुगता है। जो दर्द आज आप सह रहे हैं, वह मैंने धूप में सब सहा है। मैं अपना  पिछड़ापन और गरीबी दूर करने नहीं, आपके लिए जीता हूं। आपके लिए सोचता हूं। इसलिए मुझे विश्वास है कि इस परिस्थिति को बदलने में हम सफल होंगे। भारत माता के जयघोष के साथ उन्होंने अपना संबोधन खत्म किया।

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