जेएनयू में हुआ लालबहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित फिल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ का प्रदर्शन

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नई दिल्ली, 22 अप्रैल (हि.स.)। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) में सोमवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित फिल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ का प्रदर्शन किया गया। फिल्म उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के कारणों पर सवाल खड़ा करती है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्(एबीवीपी) ने जेएनयू में लालबहादुर शास्त्री के जीवन पर आधारित फिल्म ‘द ताशकंद फाइल’ की स्क्रीनिंग की। यह फिल्म देश के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मृत्यु को उजागर करती है। फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की यह कोशिश काफी हद तक सभी को अपने इतिहास के पन्ने पलटने के लिए मजबूर करती है। लालबहादुर शास्त्री के इर्द-गिर्द बुनी इस फिल्म में सवाल उठाए गए हैं कि क्या पूर्व पीएम की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। स्वाभाविक मृत्यु थी या ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें जहर दिया गया था।
लालबहादुर शास्त्री की मौत 11 जनवरी 1966 को हुई थी। फिल्म में शरीर पर जगह-जगह कट के निशान के वाबजूद पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने पर भी सवाल खड़ा किया है। फिल्म इस ओर भी संकेत करती है कि जब उनके पार्थिव शरीर को भारत लाया गया तो वह सूजा और काला क्यों था।
फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी, पंकज त्रिपाठी, मंदिरा बेदी और राजेश शर्मा जैसे कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को अपनी समर्थ अदाकारी के जरिए निभाया है।
मूवी स्क्रीनिंग के पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए ‘द ताशकन्द फाइल्स’ के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि देश में पॉलिटिकल मर्डर का सच जानना जरूरी है। राइट टू ट्रुथ भी राष्ट्रवाद है, हमें अधिकार है कि देश सच का सामना करे। पत्रकार और युवा का जीवन सत्य और तथ्य पर हो इसलिए यह मूवी सच्चे पत्रकारों को और भारत के युवाओं को समर्पित है।
कार्यक्रम में एबीवीपी के अखिल भारतीय संगठन मंत्री सुनील आम्बेकर ने कहा कि एबीवीपी देश में देशहित और समाज हित का पर्याय है। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु किन रहस्यमयी परिस्थितियों हुई उसका सच देश को जानने का अधिकार है। विवेक अग्निहोत्री की पूरी टीम ने इस सच को देश के सामने रखा है।
कार्यक्रम में प्रो रूपेश चतुर्वेदी, फिल्म की प्रोड्यूसर पल्लवी जोशी, एबीवीपी की राष्ट्रीय मंत्री निधि त्रिपाठी, जेएनयू एबीवीपी के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार उपस्थित रहे।


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