एचआरडी ने केन्द्रीय विवि में रिक्त पदों को भरने के लिए चुनाव आयोग से मांगी अनुमति

0

नई दिल्ली, 03 अप्रैल (हि.स.)। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षिक व गैर शैक्षिक रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की मांग की गई है। यह जानकारी फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस के चेयरमैन व दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व विद्वत परिषद के सदस्य प्रो. हंसराज ‘सुमन ‘ ने दी।
प्रोफेसर हंसराज ने एक वक्तव्य में बुधवार को कहा कि एचआरडी द्वारा चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में यह अधिकृत किया गया है कि शैक्षिक पदों पर केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लंबे समय से कोई नियुक्ति नहीं हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 7 अप्रैल, 2017 के फैसले से यूजीसी के दिशा निर्देशों को भर्ती प्रक्रिया के संबंध में प्रतिबंधित कर दिया था। उसमें विश्वविद्यालय/कॉलेज को एक यूनिट ना मानकर विभागवार/विषयवार को एक यूनिट मानकर आरक्षण रोस्टर तैयार करने की बात की गई थी।
उन्होंने कहा कि इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई, 2017 के अपने फैसले को सुरक्षित रखा। इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी डाली पर कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके उपरांत सरकार ने 7 मार्च, 2019 को अध्यादेश लाकर इस मुद्दे को सुलझाने का रास्ता निकाला।
प्रो. सुमन के कहा कि इस पत्र में लिखा गया है कि 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 17,425 स्वीकृत पद हैं। जिसमें 1 नवम्बर, 2018 तक इन विश्वविद्यालयों में 6141 पद खाली पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि एचआरडी की ओर से कहा गया है कि उच्च शिक्षा में शिक्षण मानकों (टीचिंग स्टैंडर्ड) को सुधारने के लिए इन पदों को भरना आवश्यक है। ताकि छात्र बिना किसी बाधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें।
प्रो. सुमन ने कहा कि फोरम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल, 2018 को 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्वीकृत पद प्रोफेसर 2,426 , एसोसिएट प्रोफेसर 4,805 , सहायक प्रोफेसर 9,861 हैं। इस तरह कुल 17,902 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन पदों में सबसे ज्यादा एससी, एसटी और ओबीसी कोटे के खाली पद हैं। इसमें अनुसूचित जाति 873, अनुसूचित जनजाति 493, ओबीसी 786, पीडब्ल्यूडी 264 खाली पदों पर नियुक्ति न होने से खाली पड़े हुए हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *