लोकसभा की कार्यवाही में सख्त नियम लगाने पर शान्ता ने दी लोकसभा अध्यक्ष को बधाई

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शिमला, 22 दिसि. स.)। पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद शांता कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा सदन की कार्यवाही को मर्यादा में रहने के लिए कड़े नियम लाने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों के कारण लोकसभा केवल शौर सभा बन कर रह जाती है। आवश्यक काम नहीं होता है देश के करोड़ों रूपए खर्च होते हैं और शोर और नारेबाजी के सिवा कोई काम नहीं हो पाता है।

प्रेस को जारी एक बयान में शांता कुमार ने कहा कि देश की राजनीति में अधिकतर नेता ईमानदार हैं और सेवा की राजनीति करने वाले हैं। आखिर आजादी के बाद देश में इतना अधिक विकास देश के नेताओं के नेतृत्व में ही हुआ है, लेकिन कुछ नेताओं के भ्रष्ट आचरण से पूरे देश के सार्वजनिक जीवन की बदनामी हो रही है।

उन्होंने कहा कि इससे देश के लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ा संकट पैदा हो रहा है। यह देश का दुर्भाग्य है कि नेताओं की छवि दिन प्रति खराब होती जा रही है। भ्रष्टाचार के आरोपों से पूरा सार्वजनिक जीवन कलंकित हो रहा है। हालत यह आ गई है कि सुप्रीम कोर्ट की लगतार फटकार के बाद देश के नेताओं के विरूद्व अपराध के मुकदमों के लिए विशेष अदालतें बनाई जा रही हैं। नेता पदो पर बैठे रहते हैं, भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं परंतु उनके प्रभाव से मुकदमों का निर्णय नहीं होता। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विशेष अदालतें बनानी पड़ी। क्या यह लज्जा की बात नहीं है कि घोर अपरोध करने वाले आतंकियों के लिए विशेष अदालतें नहीं बनी परंतु देश के नेताओं के मुकदमों के लिए विशेष अदालतें बनानी पड़ी हैं। शायद दुनिया के किसी अन्य देश में ऐसा नहीं हुआ होगा।

भाजपा सांसद ने कहा कि भारत की संसद विश्व में सबसे बड़े लोकतंत्र की सबसे बड़ी सभा है। उनमें प्रतिदिन का व्यवधान, सड़क की तरह की नारेबाजी और अध्यक्ष के आदेश का उल्लंघन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दृष्टि से लोकसभा की अध्यक्ष द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत सराहनीय है। सभी दलों को इसका स्वागत करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नियमों का कठोरता से सदन द्वारा पालन किया जाएगा।


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