प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसानों को दिया जाएगा बढ़ावा: मंत्री

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नई दिल्ली, 20 दिसम्बर (हि.स.)। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने यहां आयोजित “किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उद्यमशीलता और स्टार्ट-अप” विषय पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक को गुरुवार को सम्बोधित किया। इस दौरान मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा कृषि क्षेत्र में किए गए कार्यों की चर्चा की ।
मंत्री ने कहा कि आईसीएआर ने अपने विभिन्न संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों से देश के खाद्य अनाज, बागवानी फसलों, दूध, मछली और अंडे के उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ-साथ स्टार्ट इंडिया-मिशन का मार्ग दर्शाया है। कृषि के क्षेत्र में भी आईसीएआर ने इस आयाम को जोड़ा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
इस दिशा में विभिन्न स्तरों पर कदम उठाते हुए कृषि विज्ञान केन्द्रों पर किसानों को उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के तहत कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं तकनीकी संसाधन प्रदान किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण शिक्षित युवाओं को कृषि की तरफ आकर्षित करने हेतु अमल में लाई गई आर्या योजना कारगर साबित हो रही है। इसके साथ ही देश में कृषि शिक्षा के विद्यार्थियों को जागरुक करने हेतु छात्र ग्रामीण उद्यमिता जागरूकता विकास (स्टूडेंट रेडी) योजना लागू की गई है।
इसके अलावा आईसीएआर ने अपने संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों से रोजगार एवं आय के स्रोत बढ़ाने हेतु 25 संस्थानों पर कृषि-उद्यमिता विकास केन्द्रों (एग्री-इन्क्यूबेशन सेंटर) की स्थापना की है, जहां से नए स्टार्टअप बाजार में आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों से प्रेरित उद्यमियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया है, जो एक सराहनीय कदम है।
सम्बोधन के अंत में कृषि मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सांसदों एवं सभासदों से समस्त योजनाओं एंव कार्यक्रमों पर सुझाव आमंत्रित करते हुए इनके सफल कार्यान्वयन में सहयोग की आशा व्यक्त की।


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