शोक प्रस्ताव के बाद विधान मंडल की कार्यवाही स्थगित, 19 को प्रस्तुत होगा अनुपूरक बजट

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लखनऊ, 18 दिसम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान मंडल का शीतकालीन सत्र मंगलवार को प्रारम्भ हुआ। शुरु में समाजवादी पार्टी के सदस्यों के काफी देकर तक हंगामा किया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और भाजपा विधायक राम कुमार वर्मा के निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कल सदन में योगी सरकार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी।
पूर्वाह्न 11 बजे सत्र शुरु होने से पहले ही समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। दोनों सदनों के सपा सदस्य विधान भवन परिसर में चैधरी चरण सिंह की मूर्ति के पास काफी देर तक कानून व्यवस्था और किसानों की समस्या को लेकर प्रदर्शन किये और सरकार विरोधी नारे लगाये। सपा विधायक प्याज, आलू की माला पहनकर धरने पर बैठे।
सपा सदस्य विधान मंडल सत्र की समयावधि बढ़ाने की भी मांग कर रहे थे। दरअसल यह सत्र अनूपूरक बजट पारित करने के लिए बुलाया गया है और इसके लिए शुक्रवार तक का ही कार्यक्रम तय किया गया है।
काफी देर हंगामा के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही प्रारम्भ हुई और पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और भाजपा विधायक राम कुमार वर्मा के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। विधान सभा में शोक प्रस्ताव पर नेता सदन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी दलों के नेताओं ने एनडी तिवारी और राम कुमार वर्मा को शोकांजलि अर्पित की।
आज विधान सभा में अस्वस्थ होने के कारण नेता विरोधी दल राम गोविन्द चैधरी उनस्थित नहीं रहे। उनकी जगह नरेंद्र वर्मा, नेता बसपा लालजी वर्मा, नेता कांग्रेस अजय कुमार लल्लू और नेता अपना दल नील रतन पटेल ने शोक प्रस्ताव पर अपने विचार प्रकट किये।
इसके बाद दो मिनट का मौन धारण कर दोनों दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गयी। फिर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी। उधर विधान परिषद में भी शोक प्रस्ताव के बाद आज की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी।

बुधवार को अपराह्न 12.20 बजे अनुपूरक बजट पटल पर रखा जाएगा। माना जा रहा है कि योगी सरकार करीब 11 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। शुक्रवार को सदन में लंबित 103 संकल्पों पर चर्चा कराई जाएगी। शेष कार्यक्रमों के लिए कार्य मंत्रणा की फिर बैठक होगी। सोमवार को हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सदन के 21 दिसम्बर तक के कार्यक्रम को मंजूरी दी गई थी। हालांकि विपक्ष सत्र की अवधि और बढ़ाने की मांग कर रहा है।


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