रायबरेली के ऐतिहासिक विकास का गवाह है ‘मॉडर्न कोच फ़ैक्ट्री’

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रायबरेली, 12 दिसम्बर(हि.स.)। कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में तमाम आशंकाओं को दरकिनार करते हुए पिछले चार साल में नए कीर्तिमान गढ़े गए हैं। पहले शुरु किए गए आधे अधूरे प्रोजेक्ट्स को रिकार्ड समय पर न केवल पूरा किया गया, बल्कि इनमें काम भी शुरू हो गए।
2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही रायबरेलीवासियों में एक आशंका थी कि सभी कार्यो पर रोक लग जायेगी। अन्य दलों ने प्रचारित भी करना शुरू कर दिया कि जिले के प्रोजेक्ट्स को स्थानांतरित किया जा सकता या फंड के अभाव में ये स्वयं बंद हो जायेंगे। लेकिन रायबरेली के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ और तुलनात्मक रूप से पहले की अपेक्षा इन चार वर्षों में बेहतरीन काम हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 16 दिसम्बर को मोर्डन कोच फ़ैक्ट्री आने पर इसकी चर्चा जोरों पर है,फ़ैक्ट्री को लेकर राजनीति गरमाई हुई है लेकिन जिस तरह से इन चार वर्षों में फ़ैक्ट्री ने असाधारण काम किया है वह न केवल कारपोरेट सेक्टर बल्कि रायबरेली के आम लोगों के लिए गर्व की बात है। अगर इसके पिछले कार्य प्रणाली को देखें तो आप इससे स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि 2014 तक इसमें केवल बाहर से आये कोचों को असेम्बल किया जाता रहा और वह काम भी केवल रस्म अदायगी से हो रहे थे। बाद में स्थि​ति में आमूलचूल बदलाव आया और इस फ़ैक्ट्री ने इतिहास बनाना शुरू कर दिया।सामान्य कोचों के अतिरिक्त। दीनदयालु,अनुभूति,हमसफ़र और तेजस जैसे अत्याधुनिक कोचों का निर्माण शुरू हुआ। 2015-16 के वित्तीय वर्ष में जहां प्रथम चार महीने 76 कोच बनाये गए। वहीं एक वर्ष के बाद ही 2017-18 के प्रथम चार महीने में यह संख्या बढ़कर 397 हो गई। 2013-14 तक केवल असेम्बलिंग करने वाली फ़ैक्ट्री ने ऐतिहासिक कार्य करते हुए इस वर्ष सितम्बर माह में 2500 वां कोच बना डाला।
यह रेल कोच फ़ैक्ट्री के इतिहास में एक रिकार्ड है। रेल मंत्री पीयूष गोयल के इस बयान में सच्चाई है कि रायबरेली की कोच फ़ैक्ट्री में जो भी कार्य हुआ है वह 2014 के बाद ही हुए हैं।
कोच फ़ैक्ट्री के जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि चार वर्षों में सरकार की नीतियों ने काफी मदद की है और हम जल्दी ही मेट्रो और बुलेट ट्रेन की परियोजना पर काम शुरू करने वाले हैं। राजनीति से परे अगर देखा जाय तो रायबरेली में पिछले चार वर्षों में विकास के काफी काम हुए है जिसका मॉडर्न कोच फ़ैक्ट्री एक उदाहरण है जो बिना किसी भेदभाव के रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।


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