अमेरिका ने सैन्य मदद रोक कर पाकिस्तान को दिया झटका

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वाशिंगटन, 02 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आतंकवाद के नाम पर पाकिस्तान को दी जाने वाली तीन सौ मिलियन डाॅलर अर्थात 2100 करोड़ रुपये की सैन्य सहायता रोक कर उसे एक और जोर का झटका दिया है।
ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि आतंकवाद के ख़िलाफ साझी लड़ाई के नाम पर पाकिस्तान अमेरिका से मिलने वाली सैन्य सहायता का अन्यत्र इस्तेमाल कर रहा है। इस बारे में भारत सरकार ने भी वाशिंगटन को बार-बार बताया था कि पाकिस्तान अमेरिका से मिलने वाली सैन्य सहायता का दुरुपयोग कर रहा है। वह आतंकवादियों को पनाह देता है और उसे सीमा पार आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल करता है। इन आतंकवादी गुटों में हक्कानी नेटवर्क और अफगान तालिबान प्रमुख हैं।

दिल्ली में 5 और 6 सितंबर को 2+2 मंत्री स्तरीय वार्ता और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो की इस्लामाबाद यात्रा से पहले सैन्य सहायता राशि रोके जाने के अमेरिकी रक्षा विभाग के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पोंपियो और अमेरिकी जनरल जोसेफ डैन्फ़र्ड दिल्ली आने से पहले चंद घंटे इस्लामाबाद में रुकने वाले हैं। पोंपियो के इस्लामाबाद रुकने का अभिप्राय नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना बताया जा रहा है।
पेंटागन प्रवक्ता ले. कर्नल कोने फाकनर ने शनिवार को एक बयान जारी कर तीन सौ मिलियन डाॅलर की इस सैन्य सहायता रोकने की जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान इस सैन्य सहायता का ”अन्य प्राथमिकताओं” पर व्यय कर रहा था।हालांकि इस प्रस्ताव को कांग्रेस से पारित कराना जरूरी होगा।
विदित हो कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने गत जनवरी में पाकिस्तान को 50 करोड़ डॉलर की सहायता रोक दी थी। उस समय ट्करंप ने कहा था, “ अमरीका ने पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दी और उसने बदले में झूठ और छल के सिवाय कुछ नहीं दिया। वह सोचता है कि अमरीकी नेता मूर्ख हैं। हम अफग़ानिस्तान में जिन आतंकवादियों को तलाश रहे हैं, उन्होंने उन्हें पनाह दी. अब और नहीं।”


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