दिल्ली में पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, जारी किया नोटिस

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नई दिल्ली, 04 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं के कारण करीब 17 हजार पेड़ों को काटने के लिए दिए गए एनवायरमेंट क्लियरेंस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड (एनबीसीसी), केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, सीपीडब्ल्यूडी, डीडीए और दिल्ली जल बोर्ड को नोटिस जारी किया है।

चीफ जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली बेंच ने 10 दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पेड़ों को काटने पर रोक के पहले के आदेश को अगले आदेश तक जारी रखने का आदेश दिया है। आज ही हाईकोर्ट की रोक के बावजूद पेड़ काटने के खिलाफ पर्यावरणविद् विमलेंदु झा की अवमानना याचिका पर भी इसी मामले के साथ सुनवाई हुई। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एनबीसीसी प्रमुख को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट ने उन्हें अगली सुनवाई पर खुद पेश होने का आदेश दिया । कोर्ट ने पूछा कि रिडेवलपमेंट का मतलब क्या है। अगर रिडेवलपमेंट रोकने की जरुरत होगी तो रोकी जाएगी। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड (एनबीसीसी) ने दिल्ली के नेताजी नगर में पेड़ों की कटाई की।

पिछले 25 जून को डॉक्टर कौशलकांत मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बिल्डिंग एनबीसीसी को 4 जुलाई तक पेड़ों को नहीं काटने का आदेश दिया था। जस्टिस विनोद गोयल और जस्टिस रेखा पाली ने ये आदेश जारी किया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एनबीसीसी से पूछा था कि विकास और सड़कों के निर्माण के लिए क्या दिल्ली पेड़ों का काटना झेल सकता है।Ok


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