एमएसएमई नीति से बदलने लगी उत्तराखंड की तस्वीर

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देहरादून, 30 जून (रवि प्रिया)। प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग नीति का सकारात्मक असर पहाड़ी जिलों में दिखाई देने लग गया है। उद्योग निदेशालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 10 पहाड़ी जिलों में एमएसएमई नीति के तहत एक साल में सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी में 1796 उद्योगों की स्थापना हुई है। इसके चलते प्रदेश के 8196 लोगों को रोजगार मिला।

नैनीताल में सबसे अधिक मिला रोजगार

प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने और पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 2015 में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग नीति की शुरूआत की गई। उसका उद्देश्य पहाड़ी जिलों से पलायन को रोक कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना था। बीते एक साल के आंकड़ों पर गौर करें तो साबित हो जाता है कि प्रदेश सरकार की एमएसएमई नीति से अपने लक्ष्य से अधिक सफल रही है। बीते एक साल के लिए उद्योग निदेशालय की ओर से 1773 सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जबकि इस एक वर्ष में 1796 कुटीर और लघु उद्योग को स्थापित करने में सफल रहा है। दस पहाड़ी जिलों में नैनीताल जिले में सबसे अधिक युवाओं को रोजगार मिला।

सैंकड़ों लोग हुए लाभान्वित

रूद्रप्रयाग जिले के लिए एमएसएमई नीति के तहत 128 उद्योग स्थापित किए जा चुके हैं। इसी तरह चमोली में 146, चंपावत में 125, टिहरी में 226, पौड़ी में 296, बागेश्वर में 126, पिथौरागढ़ में 184, नैनीताल में 245, अल्मोड़ा में 183 और उत्तरकाशी में 146 लोग सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्यामिता से लाभान्वित हुए हैं। उद्योग निदेशालय के प्रबंध निदेशक एससी नौटियाल ने बताया कि पहाड़ी जिलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमिता की श्रेणी में लोग योजना का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष में योजना के लिए सवा तीन सौ करोड़ से अधिक का निवेश पहाड़ी जिलों में किया जा चुका है। पहाड़ी जिलों से पलायन रोकना और रोजगार मुहैया कराने में आने वाले समय में भी उद्योग नीति कारगार साबित होगी।

एक नजर रोजगार के आंकड़ों पर

जिला                            रोजगार

पौड़ी                             2709

उत्तरकाशी                     397

टिहरी                            807

चंपावत                          392

बागेश्वर                          283

अल्मोड़ा                        613

रूद्रप्रयाग                      402

पिथौरागढ़                     428

नैनीताल                       1602

चमोली                         566


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