बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

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नई दिल्ली, 18 जून (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने पूछा कि अस्पतालों में मनुष्यों का इलाज होता है कि जानवरों का। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल छात्रों के भविष्य को देखते हुए तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 800 सीटों पर दाखिले की अनुमति दे दी। आपको बता दें कि तय प्रक्रिया के तहत कल यानि 19 जून से इन कालेजों में दाख़िले के लिए काउंसिलिंग शुरू होनी है। पिछले 14 जून को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से इस मामले में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था कि तीनों सरकारी मेडिकल कालेजों में जो कमियां है वह कब तक पूरी हो जाएंगी। तीन मेडिकल कालेजों में सरकारी मेडिकल कालेज गया, सरकारी मेडकिल कालेज बेतिया और सरकारी मेडिकल कालेज पावापुरी है। इन तीनों मेडिकल कालेजों में मेडिकल सुविधाओं के मानक को पूरा न करने के कारण मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इस सत्र में दाखिले पर रोक लगा दी थी। एमसीआई का कहना है कि बिहार के नये मेडिकल कॉलेजों में संसाधनों की कमी है।


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