अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड जंग का ऐलान

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वाशिंगटन, 17 जून (हि.स.)। अमेरिका और चीन के परस्पर ट्रेड जंग का ऐलान कर दिया है। यह जंग छह जुलाई से शुरू हो जाएगी। इस जंग के शुरू होने की घोषणा के साथ ही अमेरिका सहित एशियाई मार्केट में शेयर मार्केट गिर गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार की सुबह जैसे चीन से क़रीब पचास अरब डॉलर के आयातित 1100 उत्पादों पर पच्चीस प्रतिशत सीमा शुल्क बढ़ाए जाने की घोषणा की। इसके जवाब में चीन ने भी पहले चरण में 34 अरब डालर अमेरिकी माल पर सीमा शुल्क लगा कर चेतावनी दे डाली कि वह इस जंग में पीछे नहीं हटेगा। अमेरिका और चीन एक साथ 06 जुलाई से सीमा शुल्क में वृधि कर रहे हैं। अमेरिका से आयातित कृषि उत्पाद, मेडिकल उपकरण और रासायनिक उत्पादों के अलावा ऊर्जा से संबंधित उत्पादों पर चीन 25 प्रतिशत सीमा शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है। जबकि अमेरिका ने एयरोस्पेस, बोईंग और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है। इससे चीन में निर्मित एपल, इंटेक और डेल आदी के दामों में वृधि हो जाएगी। अमेरिका प्रति वर्ष चीन से 524 अरब डॉलर का माल ख़रीदता है, जबकि अपने उद्योगों को संरक्षण देने के इरादे से अमेरिका से मात्र 187 अरब डालर का माल ही ख़रीदता है। इससे वह डालर में आमदनी कर अन्तरराष्ट्रीय बाज़ार में डालर की वृद्धि करने में जुटा है। भारत के साथ भी चीन यही नीति अपना रहा है। ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि इसका मूल कारण घरेलू उद्योग को संरक्षण देना है। चीनी माल पर अतिरिक्त कर लगने से व्यापारियों को माल की बढ़ी हुई क़ीमत ग्राहकों से लेनी होगी लेकिन माल की क़ीमतें बढ़ने से ग्राहक स्वदेशी माल की ओर जाएंगे। यह निर्णय अमेरिका फ़र्स्ट नीति के तहत लिया जा रहा है। इसका दूसरा कारण चीन की एक तकनीक कम्पनी पर अमेरिका के साथ हुई लाइसेंसिंग नीति समझौते की अवहेलना करना और ख़ुफ़िया डाटा से छेड़छाड़ किए जाने का भी आरोप है।


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