आरएसएस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने नागपुर पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी

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नागपुर, 06 जून (हि.स.) (अपडेट) । पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गुरुवार के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को नागपुर पहुंचे। मुखर्जी का नागपुर एयरपोर्ट पर सह-सरकार्यवाह वी.भगैया व अन्य पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हालांकि एयरपोर्ट पर कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं दिखे। पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी गुरुवार शाम को साढ़े 5 बजे नागपुर के रेशमबाग स्थित डॉ. केबी हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर में चल रहे 25 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग- संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष (ओटीसी-तृतीय वर्ष) के समापन समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत के साथ मंच साझा करेंगे। वर्ग के समापन समारोह में मुखर्जी को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया है। पूर्व राष्ट्रपति ने जब से संघ का आमंत्रण स्वीकार किया है, कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। पार्टी के कई नेताओं ने उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। पार्टी के कई नेता, पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी का आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का विरोध कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम, जयराम रमेश, सीके जाफर शरीफ और असम कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा समेत 30 से ज्यादा पार्टी नेताओं ने मुखर्जी से संघ के कार्यक्रम में नहीं जाने की अपील की है। इन नेताओं का कहना है प्रणब के कार्यक्रम में जाने से संघ की विचारधारा को बल मिलेगा। हालांकि मुखर्जी ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि वह इस मुद्दे पर अभी कुछ नहीं कहेंगे और जो भी बोलना होगा नागपुर के कार्यक्रम में ही बोलेंगे। इस सिलसिले में असम के कांग्रेस अध्यक्ष बोरा ने उनको पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति उस संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं जिसने आज तक राष्ट्रीय झंडे तक का आदर नहीं किया। आरएसएस का आइडिया वन नेशन वन रिलीजन सिर्फ एक दिखावा है। देश में बढ़ती सामाजिक व धार्मिक असहिष्णुता की वजह सिर्फ आरएसएस और उसका एजेंडा है। रिपुन ने लिखा कि कांग्रेस में आपके (मुखर्जी) द्वारा निभाई गई भूमिका एक मजबूत स्तंभ की तरह है। पार्टी हमेशा आपकी इस भूमिका को याद रखेगी। आप हमेशा कांग्रेस की पंथनिरपेक्षता की विचारधारा के लिए संघर्ष करते रहे हैं। ऐसे में विचारधारा के विपरीत विचार रखने वाले संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने का आपका निर्णय चौंकाने वाला है। उल्लेखनीय है कि ओटीसी-तृतीय वर्ष संघ का सर्वोच्च सांगठनिक प्रशिक्षण है। यह हर साल नागपुर में आयोजित होता है। इसमें देशभर के 708 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। इनमें इंजीनियर, डॉक्टर, आईटी एक्सपर्ट, पत्रकार, किसान और विभिन्न वर्ग के युवा शामिल हैं।


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