केजरीवाल की माफी से पंजाब इकाई में मचा घमासान, भगवंत मान व अमन अरोड़ा ने दिया इस्तीफा

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पंजाब/चंडीगढ़, 16 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा ड्रग्स तस्करी के आरोपों के बाद पंजाब के पूर्व राजस्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से माफी मांगे जाने के मुद्दे पर पंजाब की सियासत गरमा गई है। केजरीवाल के इस कदम के बाद आप सांसद भगवंत मान ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तथा विधायक अमन अरोड़ा ने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। साथ ही लोक इंसाफ पार्टी ने आम आदमी पार्टी के साथ पंजाब में गठबंधन तोड़ लिया। केजरीवाल ने पंजाब में विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया पर ड्रग्स तस्करी में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप लगाया था। तब केजरीवाल तथा मजीठिया के बीच इस मुद्दे पर खासा विवाद चला था। इसके बाद मजीठिया ने केजरीवाल के विरूद्ध अदालत में मानहानि का केस दायर किया। इस विवाद के चलते गत दिवस केजरीवाल ने एक पत्र लिखकर मजीठिया से माफी मांग ली थी। केजरीवाल की इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है और सांसद भगवंत मान ने शुक्रवार की सुबह अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। दिनभर पंजाब में आम आदमी पार्टी विधायकों के बीच बैठकों का दौर चलता रहा। सुबह हुई बैठक के बाद सुखपाल खैहरा ने कहा कि केजरीवाल द्वारा माफी मांगे जाने से सभी विधायक सकते में हैं। एसटीएफ की रिपोर्ट में भी बिक्रमजीत सिंह मजीठिया पर ऊँगली उठाई गई है। सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली में हुई बैठक में पंजाब के नेताओं ने भी हिस्सा लिया था। उस समय भी पंजाब प्रभारी एवं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मुनीष सिसोदिया ने इस बारे में कोई जिक्र नहीं किया। खैहरा ने कहा कि केजरीवाल ने पंजाब के नेताओं को विश्वास में लिए बगैर ही माफी मांगी है। इसी दौरान लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह बैंस ने पंजाब में आप से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया। शाम को हुई बैठक से पहले आप उपाध्यक्ष एवं विधायक अमन अरोड़ा ने ट्विट करके इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। आज हुई बैठकों में आम आदमी पार्टी के 20 में से 18 विधायकों तथा लोक इंसाफ पार्टी के दो विधायकों ने भाग लिया जबकि विधायक कंवर संधू ने एचएस फुल्का तथा हरपाल सिंह चीमा के साथ होने का दावा किया। आज हुई बैठक में पंजाब के सभी आप विधायकों ने अरविंद केजरीवाल के विरूद्ध ध्वनिमत से निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में सभी विधायकों ने पंजाब में गत दिवस गठित की गई 21 सदस्यों वाली कमेटी को भंग करते हुए फैसला लिया कि 18 मार्च को दिल्ली में होने वाली पार्टी की बैठक में पंजाब का कोई भी विधायक भाग नहीं लेगा। दिल्ली स्थित पार्टी हाईकमान अगर बैठक करना चाहती है वह चंडीगढ़ आकर बात करे।


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