दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले के बाद भीषण आग, उड़ानें रोकी गईं

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दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के पास सोमवार को अचानक बड़ा सुरक्षा संकट खड़ा हो गया। एक ड्रोन ने एयरपोर्ट परिसर के नजदीक मौजूद ईंधन टैंक को निशाना बनाया। टक्कर के साथ ही तेज धमाका हुआ और कुछ ही देर में इलाके में भीषण आग भड़क उठी। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए और हवाई उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया।

सबसे पहले मौके पर दुबई सिविल डिफेंस (Dubai Civil Defence) की टीमें पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तेजी से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग से उठता घना धुआं दूर तक दिखाई दिया, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाके को घेर लिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली।

इसके साथ ही प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। पुलिस ने एयरपोर्ट के आसपास की सड़कों पर आवाजाही सीमित कर दी। अधिकारियों ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी।

दूसरी ओर, दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (DCAA) ने उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से एयरपोर्ट संचालन कुछ समय के लिए रोकना जरूरी हो गया।

इसी दौरान एयरपोर्ट प्रबंधन ने कई विमानों का रूट बदल दिया। कई उड़ानों को पास स्थित अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा  की ओर मोड़ दिया गया। इससे यात्रियों को सुरक्षित तरीके से यात्रा जारी रखने में मदद मिली और मुख्य एयरपोर्ट पर दबाव भी कम हुआ।

जमीन पर क्या दिखा

घटना के बाद एयरपोर्ट के आसपास का माहौल अचानक बदल गया। चश्मदीदों ने तेज धमाके और आग की ऊंची लपटें देखीं। कुछ ही मिनटों में दमकल गाड़ियां, एंबुलेंस और सुरक्षा वाहन मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने एयरपोर्ट रोड और एयरपोर्ट टनल को भी बंद कर दिया ताकि राहत और बचाव अभियान बिना रुकावट जारी रह सके।

क्षेत्र में बढ़ता ड्रोन खतरा

यह घटना ऐसे समय में हुई जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार ईरान ने मौजूदा संघर्ष के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अब तक 1800 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल इस क्षेत्र की ओर भेजे गए।

हालांकि क्षेत्र की वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश हमलों को रास्ते में ही रोक दिया। इसके बावजूद कई घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर एयरपोर्ट, बंदरगाह और तेल सुविधाओं जैसे अहम ढांचे लगातार निशाने पर आ रहे हैं।

संघर्ष का व्यापक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा संघर्ष का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है। इससे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा भी प्रभावित हो रही है। दुबई जैसे वैश्विक ट्रांजिट हब में किसी भी तरह की बाधा दुनिया भर की उड़ानों पर असर डाल सकती है।

इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने भी संघर्ष से जुड़े कुछ नुकसान की जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार अब तक चार नागरिक और दो सैन्य कर्मियों की मौत दर्ज हुई है। सैन्य कर्मियों की मौत एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई, जिसे तकनीकी खराबी से जोड़ा गया।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन हमले की जांच कर रही हैं। साथ ही अधिकारी एयरपोर्ट और आसपास के महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा व्यवस्था की फिर से समीक्षा कर रहे हैं। क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, इसलिए प्रशासन किसी भी संभावित खतरे के प्रति सतर्क बना हुआ है। 🚨✈️🔥


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