दुबई – शुक्रवार को दुबई के केंद्रीय इलाके में तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी। इसके साथ ही शहर के कई हिस्सों में सायरन भी गूंजे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शेख जायद रोड के पास आसमान में धुआं उठता दिखाई दिया। इस घटना के बाद दुबई प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ।
दुबई प्रशासन ने पुष्टि की कि शहर के ऊपर आए एक हवाई खतरे को रक्षा प्रणाली ने रोक दिया। इसके बाद आसमान में ही उस लक्ष्य को नष्ट कर दिया गया। हालांकि इस कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे ने एक इमारत के बाहरी हिस्से को हल्का नुकसान पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि रोका गया लक्ष्य मिसाइल था या ड्रोन।
ग्राउंड एंगल: मौके पर क्या हुआ
घटना के समय केंद्रीय दुबई में रहने वाले कई लोगों ने जोरदार धमाके की आवाज सुनी। इसके कुछ ही मिनट बाद इलाके में आपातकालीन सायरन बजने लगे। लोग इमारतों से बाहर निकलकर आसमान की ओर देखने लगे। कुछ ही देर में शहर के ऊपर धुएं का गुबार दिखाई दिया।
पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाके को घेर लिया। साथ ही यातायात को भी कुछ समय के लिए मोड़ दिया गया। जांच टीमों ने उस इमारत का निरीक्षण किया जहां मलबा गिरा था। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और शहर की सामान्य गतिविधियां जारी हैं।
पृष्ठभूमि: एक दिन पहले भी ड्रोन घटना
दरअसल यह घटना ऐसे समय हुई जब एक दिन पहले ही संयुक्त अरब अमीरात ने बड़े पैमाने पर हवाई हमलों को रोका था। गुरुवार को यूएई की रक्षा प्रणाली ने 10 बैलिस्टिक मिसाइल और 26 ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया। इन हमलों का संबंध क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हो रहे हमलों से जोड़ा गया।
इसी दौरान एक ड्रोन दुबई के अल बदाआ इलाके में गिर गया। वहीं एक अन्य ड्रोन का मलबा शेख जायद रोड पर एक इमारत के बाहरी हिस्से से टकराया। इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
बहरीन में भी अलर्ट
उधर खाड़ी क्षेत्र के दूसरे देशों में भी सतर्कता बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह बहरीन में एयर रेड सायरन बजने लगे। यह कदम उस समय उठाया गया जब एयरपोर्ट के पास ईंधन टैंकों के पास बड़ा विस्फोट और आग लगने की खबर आई।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार ईरानी ड्रोन हमलों के कारण ईंधन टैंकों में आग लगी। इसके बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। साथ ही नागरिकों से शांत रहने की अपील की गई।
क्षेत्रीय तनाव का व्यापक असर
दरअसल अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव को लगभग दो सप्ताह हो चुके हैं। इस दौरान ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन हमलों का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई देने लगा है।
इसी बीच कतर ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। इन हमलों में 15 लोगों की मौत हुई जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। एक गांव पर हुए हमले में नौ लोगों की जान गई, जबकि दो अन्य कस्बों पर हमलों में छह लोगों की मौत हुई।
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का उल्लंघन करते हैं।
आगे क्या
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। दुबई प्रशासन ने भी शहर की हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। फिलहाल अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि शुक्रवार को रोका गया लक्ष्य आखिर किस प्रकार का था।
हालांकि एक बात साफ है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब कई देशों के शहरों तक पहुंचने लगा है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा की भावना और बढ़ गई है।