होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, 16 ईरानी माइन बिछाने वाले जहाज नष्ट

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरान पर सैन्य दबाव और बढ़ा दिया। मंगलवार को अमेरिकी सेना ने 16 ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया। इन जहाजों का इस्तेमाल समुद्र में माइन बिछाने के लिए किया जा रहा था। यह कार्रवाई रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले होरमुज़ जलडमरूमध्य के पास हुई।

यह जलमार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। वैश्विक कच्चे तेल का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह का खतरा अंतरराष्ट्रीय बाजारों को तुरंत प्रभावित करता है।

ईरान ने दी तेल आपूर्ति रोकने की चेतावनी

इसी बीच तेहरान ने कड़ा बयान दिया। ईरानी नेतृत्व ने कहा कि अगर हमले जारी रहे तो वह क्षेत्र से तेल निर्यात रोक देगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि उनके दुश्मनों तक “एक बूंद तेल भी” नहीं पहुंचने देंगे।

अमेरिकी सेना ने बुधवार को बताया कि उसने मंगलवार को इन जहाजों को निशाना बनाया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार उन्हें सूचना मिली कि ईरानी जहाज समुद्र में विस्फोटक माइन बिछाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद अमेरिकी बलों ने तुरंत कार्रवाई की और जहाजों को नष्ट कर दिया।

ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति

डोनाल्ड जॉन ट्रम्प ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान ने जलमार्ग में माइन बिछाने की कोशिश की तो अमेरिका अभूतपूर्व सैन्य जवाब देगा।

हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि अभी तक ऐसे ठोस प्रमाण सामने नहीं आए कि ईरान ने वास्तव में जलमार्ग में विस्फोटक माइन बिछा दी हों। इसके बावजूद अमेरिकी रक्षा विभाग ने कार्रवाई के बाद कुछ वीडियो फुटेज जारी किए। इन वीडियो में समुद्र में मौजूद कई जहाजों पर हमले के दृश्य दिखाए गए।

युद्ध का 11वां दिन, बयानबाज़ी तेज

इस बीच संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ रहा है। युद्ध अब 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। दोनों पक्षों ने अपनी बयानबाज़ी और कड़ी कर दी है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि इस संघर्ष के सबसे तीव्र हमले अभी बाकी हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों में कुछ घायल हुए हैं।

ईरान ने क्षेत्र में हमले तेज किए

दूसरी ओर ईरान ने भी कई मोर्चों पर हमले जारी रखे। ईरानी बलों ने हाल के दिनों में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया। विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान वैश्विक आर्थिक दबाव बनाना चाहता है।

ईरान ने इज़राइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों से पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया।

वैश्विक बाजारों की नजर संघर्ष पर

इस टकराव पर अंतरराष्ट्रीय बाजार भी लगातार नजर रख रहे हैं। निवेशक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि यह युद्ध कब तक जारी रहेगा।

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा। निवेशकों ने फिलहाल सतर्क रुख अपनाया। हालांकि ऊर्जा बाजार में चिंता बनी हुई है।

तेल की कीमतें सोमवार के उच्च स्तर से नीचे रहीं। शुरुआत में कीमतों में तेज उछाल आया था। उस समय बाजार को डर था कि युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो सकती है।

आम नागरिकों पर भी असर

इस संघर्ष का असर आम लोगों पर भी दिखने लगा है। तेहरान के कई निवासियों ने बताया कि हाल के दिनों में भारी हवाई हमले हुए। कुछ लोगों ने रिहायशी इमारतों पर हमले देखे।

सुरक्षा कारणों से कई लोगों ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की। रिपोर्टों के अनुसार हजारों ईरानी नागरिक शहर छोड़कर ग्रामीण इलाकों में शरण ले चुके हैं।

इस बीच हिंसा पड़ोसी देशों तक भी फैल गई। लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इज़राइली हमलों में कई लोगों की मौत हुई। स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मरने वालों में राहत कार्यों में जुटा एक रेड क्रॉस सदस्य भी शामिल था।

कुल मिलाकर यह संघर्ष अब पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता—तीनों पर इसका असर लगातार बढ़ रहा है।


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