युद्ध कब खत्म होगा, यह ईरान तय करेगा: ट्रंप के बयान पर IRGC का तीखा जवाब
khabarworld 10/03/2026 0
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर तेज हो गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ कहा कि युद्ध का अंत कब होगा, इसका फैसला तेहरान करेगा। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के तुरंत बाद आया।
दरअसल, ट्रंप ने सोमवार को पहले अमेरिकी मीडिया से बात की। उस समय उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने युद्ध में बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की कई सैन्य क्षमताएं खत्म हो गई हैं। उनके अनुसार ईरान के पास अब प्रभावी नौसेना, संचार प्रणाली और वायु सेना नहीं बची है। इन टिप्पणियों से यह संकेत मिला कि अमेरिका संघर्ष को लगभग समाप्त मान रहा है।
हालांकि कुछ घंटों बाद ट्रंप का रुख बदलता दिखा। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के एक सम्मेलन में अलग बयान दिया। वहां उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कई मोर्चों पर जीत हासिल की है, लेकिन जीत अभी पूरी नहीं हुई है।
ट्रंप ने आगे कहा कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान को पूरी तरह और निर्णायक रूप से पराजित नहीं किया जाता। उनके इस बयान ने संकेत दिया कि संघर्ष अभी लंबा चल सकता है।
ट्रंप के इन विरोधाभासी बयानों के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार IRGC के प्रवक्ता ने ट्रंप की टिप्पणियों को “बेतुका” बताया।
प्रवक्ता ने साफ कहा कि युद्ध के अंत का फैसला अमेरिका नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि तेहरान ही तय करेगा कि संघर्ष कब और कैसे समाप्त होगा।
इसके साथ ही IRGC ने एक कड़ी चेतावनी भी दी। प्रवक्ता ने कहा कि यदि अमेरिका और इज़राइल ईरान पर हमले जारी रखते हैं, तो ईरान खाड़ी क्षेत्र से तेल के निर्यात को रोक सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में क्षेत्र से “एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।”
इस बयान से वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ सकती है। फारस की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यदि वहां आपूर्ति बाधित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
IRGC ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी दी। प्रवक्ता ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या फिर किसी के लिए नहीं। इस बयान से संकेत मिला कि ईरान स्थिति बिगड़ने पर व्यापक प्रतिक्रिया दे सकता है।
इसी बीच सप्ताहांत में संघर्ष और तेज हुआ। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले किए। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में तेहरान और अलबोर्ज प्रांत के पांच तेल डिपो निशाने पर आए।
शनिवार देर रात हुए हमलों के बाद वहां भीषण आग लग गई। आग के कारण आसमान में धुएं के बड़े गुबार उठे, जो रविवार तक राजधानी के ऊपर दिखाई देते रहे।
इन हमलों का असर ईंधन आपूर्ति पर भी पड़ा। तेहरान प्रांत के कुछ हिस्सों में अस्थायी रूप से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि दो से तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है।
इसके साथ ही ईरान ने संकेत दिया कि वह लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि देश ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें, ड्रोन और हमलावर नौकाएं जमा कर रखी हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान कम से कम छह महीने तक उच्च स्तर का सैन्य संघर्ष जारी रख सकता है। प्रवक्ता ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में ईरान नई रणनीतियां और लंबी दूरी की उन्नत मिसाइलें भी इस्तेमाल कर सकता है।
इस बीच संघर्ष की मानवीय कीमत भी बढ़ती जा रही है। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार अमेरिका और इज़राइल के हमलों में अब तक 1,332 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसके अलावा 9,669 नागरिक ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें हजारों घर और व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम दिखते हैं। अमेरिका निर्णायक जीत की बात कर रहा है, जबकि ईरान युद्ध की दिशा और अंत पर अपना नियंत्रण जताता दिख रहा है। इसी कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और स्थिति अभी भी बेहद अनिश्चित बनी हुई है।
