बाजार में वापसी: भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने ऊंचे स्तर पर शुरुआत की

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भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ शुरुआत की। सोमवार की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू की। इसी कारण प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले।

सबसे पहले सेंसेक्स की बात करें। बीएसई सेंसेक्स ने 78,192.35 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। यह पिछले सत्र के मुकाबले करीब 626 अंक या 0.81 प्रतिशत अधिक रहा। दूसरी ओर एनएसई निफ्टी 50 भी मजबूत दिखा। निफ्टी ने 24,191.75 के स्तर पर शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में करीब 163 अंकों की बढ़त दर्ज की।

हालांकि बाजार की चाल अभी भी कई वैश्विक संकेतों पर निर्भर है। निवेशक कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के रुझान और रुपये की चाल पर करीबी नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में जारी तनाव भी बाजार के मूड को प्रभावित कर रहा है।

दरअसल, सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई थी। बढ़ती तेल कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। इसी वजह से निवेशकों ने भारी बिकवाली की। परिणामस्वरूप सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब दो प्रतिशत तक की गिरावट आई।

बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 1,352.74 अंक गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरे दिन की गिरावट रही। दिन के दौरान स्थिति और खराब दिखी। इंट्राडे कारोबार में सेंसेक्स एक समय 2,494 अंक से अधिक गिर गया और 76,424 के करीब पहुंच गया।

एनएसई निफ्टी की स्थिति भी लगभग समान रही। निफ्टी 422.40 अंक गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 752 अंकों से अधिक टूटकर 23,697 के स्तर तक पहुंच गया।

बाजार में इस गिरावट के पीछे कई कारण रहे। सबसे पहले कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इज़राइल से जुड़ा संघर्ष भी गहराया। इस भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई और बाजार में जोखिम लेने की क्षमता घटाई।

इसके अलावा विदेशी निवेशकों ने भी लगातार पैसा निकाला। इस पूंजी निकासी ने बाजार के दबाव को और बढ़ा दिया। वहीं रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला।

हालांकि मंगलवार को स्थिति थोड़ी सुधरती दिखी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स प्री-ओपनिंग सत्र में 78,376.15 तक पहुंच गया। यह करीब 810 अंकों की बढ़त दर्शाता है। इसी तरह निफ्टी भी प्री-ओपनिंग में 24,280.80 पर कारोबार करता दिखा, जो लगभग 252 अंकों की बढ़त थी।

इस बीच रुपये में भी मजबूती दिखी। भारतीय रुपया मंगलवार को 0.44 प्रतिशत मजबूत होकर 91.9250 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले सोमवार को यह 92.3275 पर बंद हुआ था।

वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को कुछ राहत दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई। इससे बाजार में चिंता कुछ कम हुई।

दरअसल, सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत तीन साल के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी। कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थी। इसके पीछे सऊदी अरब की उत्पादन कटौती और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की बड़ी भूमिका रही।

लेकिन मंगलवार सुबह तेल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड करीब 6.6 प्रतिशत गिरकर 92.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी करीब 6.5 प्रतिशत गिरकर 88.65 डॉलर पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों का बाजार पर बड़ा असर पड़ता है। ब्रेंट क्रूड वैश्विक तेल बाजार के लिए एक प्रमुख बेंचमार्क माना जाता है। कंपनियां और देश अक्सर इसी कीमत के आधार पर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमत तय करते हैं।

इसके अलावा पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य भी बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए वहां किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। बाजार ने मंगलवार को मजबूती दिखाई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की दिशा वैश्विक हालात, तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुख पर निर्भर करेगी।


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