पश्चिम एशिया में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया। ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी एयर बेस पर हमला किया। साथ ही हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल की ओर ड्रोन दागे। इस तरह अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच टकराव और गहरा हो गया।
सबसे पहले ड्रोन हमलों ने सऊदी अरब और कुवैत में अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने तुरंत एडवाइजरी जारी की। विभाग ने अपने नागरिकों से मध्य पूर्व छोड़ने को कहा। यह चेतावनी ऐसे समय आई जब अबू धाबी और दुबई में सीमित उड़ानें दोबारा शुरू हुईं। हालांकि पिछले चार दिनों में एयरस्पेस बंदी और उड़ान रद्द होने से हजारों लोग फंसे रहे।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अभियान जारी रखने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि ईरान में सैन्य कार्रवाई चार से पांच हफ्ते तक चल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह इससे ज्यादा समय तक कार्रवाई करेंगे। दूसरी ओर विदेश मंत्री Marco Rubio ने कांग्रेस को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की जानकारी दी। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिकी सेना आगे और कड़े प्रहार करेगी।
उधर इज़राइल ने भी तेहरान के केंद्रीय इलाकों में हमले तेज किए। उसने यह कार्रवाई अमेरिका के साथ समन्वय में की। साथ ही इज़राइली सेना ने लेबनान में भी हमले फिर शुरू किए। दरअसल ईरान समर्थित संगठन Hezbollah ने हाइफा की दिशा में ड्रोन हमला किया। यह हमला ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की हत्या की खबर के बाद हुआ।
इसके बाद लेबनान सरकार ने बड़ा कदम उठाया। उसने देश में हिज़्बुल्लाह की सभी सैन्य गतिविधियों पर रोक लगा दी। दक्षिण लेबनान में लोग घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर जाने लगे। इससे पहले नवंबर 2024 में इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्षविराम हुआ था। अब ताजा हमलों ने उस समझौते को झटका दिया।
पूरे क्षेत्र में धमाकों और सायरन की आवाज गूंजती रही। ईरान में सरकारी मीडिया ने रेड क्रिसेंट के हवाले से आंकड़े जारी किए। मीडिया के अनुसार कम से कम 555 लोगों की मौत हुई और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए। मिनाब में एक गर्ल्स स्कूल पर हमले में करीब 180 लोगों की जान गई।
साथ ही अमेरिकी सेना ने अपने नुकसान की जानकारी दी। सेना ने बताया कि ईरान में कार्रवाई के दौरान चार अमेरिकी सैनिक मारे गए। चार अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए।
लेबनान में इज़राइली हमलों ने दक्षिणी हिस्से में 52 लोगों की जान ली। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 154 घायलों की पुष्टि की। वहीं संयुक्त अरब अमीरात में दुबई और अबू धाबी में हमलों से तीन लोगों की मौत हुई। मृतकों में एक पाकिस्तानी, एक नेपाली और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। वहां 58 लोग घायल हुए।
इज़राइल में ईरानी हमलों से लगभग 10 लोगों की मौत हुई। इराक में दो लोगों ने जान गंवाई। कुवैत, ओमान और बहरीन में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। कतर में कम से कम 16 लोग घायल हुए।
इस तरह हिंसा कई देशों तक फैल गई। सभी पक्ष आक्रामक रुख दिखा रहे हैं। हमले जारी हैं। ऐसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।