22 मिसाइलें, 311 ड्रोन से यूएई पर हमला; दुबई पोर्ट के ऊपर धुआं, हालात तनावपूर्ण

0
blast

पश्चिम एशिया में संघर्ष तीसरे दिन भी तेज रहा। संयुक्त अरब अमीरात ने पुष्टि की कि ईरान ने बड़े पैमाने पर हमला किया। अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने 22 मिसाइलें और 311 ड्रोन दागे। हमले ने दुबई और अबू धाबी सहित कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया।

यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायु रक्षा बलों ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं। बलों ने आठ मिसाइलें समुद्र में गिराईं। उन्होंने दो क्रूज मिसाइलों को भी निष्क्रिय किया। साथ ही 311 ड्रोन रोके। हालांकि, 21 ड्रोन नागरिक इलाकों में गिर गए। इन हमलों से जानमाल का नुकसान हुआ।

इसी बीच रॉयटर्स की साझा सैटेलाइट तस्वीर में दुबई के एक औद्योगिक क्षेत्र के ऊपर काला धुआं उठता दिखा। स्थानीय पत्रकारों ने कई धमाकों की आवाज सुनी। अबू धाबी में भी तेज धमाके सुनाई दिए। मनामा में सायरन बजे। दोहा में भी हल्का विस्फोट सुनाई दिया।

हमलों के बाद यूएई ने तेहरान स्थित अपना दूतावास बंद करने का फैसला किया। सरकार ने अबू धाबी में ईरान के राजदूत को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। अधिकारियों ने इन हमलों को आतंकी कार्रवाई बताया।

वित्तीय बाजारों ने भी तेज प्रतिक्रिया दी। अबू धाबी सिक्योरिटीज एक्सचेंज और दुबई फाइनेंशियल मार्केट ने 3 मार्च तक कारोबार रोक दिया। प्रशासन ने स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया।

इस बीच स्थानीय मीडिया ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की। कई लोग घायल हुए। अस्पतालों ने आपात सेवाएं सक्रिय कीं।

दरअसल, अमेरिका और Israel ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। दुबई, जो यूएई का प्रमुख आर्थिक केंद्र है, हमले की जद में आया।

दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर भी असर पड़ा। एक टर्मिनल इमारत के हिस्से को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर जल्द काबू पा लिया गया। चार कर्मचारी घायल हुए। अबू धाबी एयरपोर्ट पर भी एक व्यक्ति की मौत हुई और सात लोग घायल हुए।

प्रमुख स्थलों पर भी हमले का असर दिखा। रक्षा मंत्रालय ने पाम जुमेराह और बुर्ज अल अरब के आसपास आग और धुआं दिखने की पुष्टि की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पाम इलाके के एक होटल से काला धुआं उठता दिखा। एंबुलेंस तेजी से मौके पर पहुंचीं। दुबई सिविल डिफेंस ने आग पर काबू पाया। चार लोग घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

कुवैत के हवाई अड्डे पर भी ड्रोन गिरा। अधिकारियों ने हल्की क्षति और मामूली चोटों की जानकारी दी।

इस बीच कई भारतीय नागरिक क्षेत्र में फंसे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद वेंकटेश जोशी ने कहा कि सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने हालात को अस्थिर और जोखिमपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में उड़ान संचालन भी खतरनाक हो सकता है।

फिलहाल यूएई और अन्य खाड़ी देश हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा बल हवाई क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। संघर्ष के बीच क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News