इज़राइल और ईरान के बीच तनाव अचानक बढ़ गया। शनिवार को इज़राइल ने तेहरान पर दिनदहाड़े हमला किया। इसी दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को राजधानी से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। एक ईरानी अधिकारी ने इस कदम की पुष्टि की।
सबसे पहले, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में जोरदार धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने आसमान में धुआं उठते देखा। यह हमला उस क्षेत्र के पास हुआ जहां खामेनेई के कार्यालय स्थित हैं। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले के समय वह अपने दफ्तर में मौजूद थे या नहीं।
इसके बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने उनके आवास और दफ्तर के आसपास की सड़कों को बंद कर दिया। प्रशासन ने इलाके में आवाजाही रोक दी। हाल के महीनों में खामेनेई सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दिए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
इसी बीच, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने विस्फोट की खबर दी। चैनल ने धमाके की पुष्टि की, लेकिन कारण नहीं बताया। कुछ ही समय बाद राजधानी के अन्य हिस्सों में भी विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं। अधिकारियों ने अभी तक किसी हताहत की जानकारी साझा नहीं की है।
दूसरी ओर, US की भूमिका को लेकर सवाल उठे। एक अमेरिकी अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि अमेरिका किसी स्तर पर इस कार्रवाई में शामिल है। हालांकि, उसने भागीदारी के दायरे पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया।
उधर, इज़राइल ने अपने नागरिकों को सतर्क किया। पूरे देश में सायरन बजे। इज़राइली सेना ने संभावित मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए जनता को तैयार रहने का संदेश दिया। साथ ही, इज़राइल ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
पिछले कुछ समय से ईरान और इज़राइल के बीच बयानबाजी तेज रही है। इज़राइल लंबे समय से ईरान की रणनीतिक गतिविधियों पर चिंता जताता रहा है। वहीं, ईरान भी क्षेत्रीय मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाता आया है। ऐसे में यह ताजा हमला दोनों देशों के रिश्तों में गंभीर मोड़ साबित हो सकता है।
फिलहाल, तेहरान में सुरक्षा बल सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर रखे हुए है। कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है ताकि व्यापक संघर्ष की स्थिति न बने।
अब सभी की नजर ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी है। क्या तेहरान जवाबी कदम उठाएगा या कूटनीतिक रास्ता चुनेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है और हालात तेजी से बदल रहे हैं।