पश्चिमी दिल्ली में शनिवार तड़के एक तेज रफ्तार कार ने 25 वर्षीय डिलीवरी एजेंट हेम शंकर की जान ले ली। हादसा दिल्ली के सुभाष नगर इलाके में हुआ। हेम रात की शिफ्ट में काम करते थे। वह परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए अतिरिक्त कमाई करते थे।
रात की ड्यूटी से लौटने से पहले टूटा घर
पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब तीन बजे सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के पास हुआ। एक कार ने पीछे से हेम की स्कूटर को टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि हेम गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटनास्थल की तस्वीरों में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखा। शीशा टूटा मिला और एयरबैग खुल गए। स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर मौके पर दौड़ लगाई।
मां की चीख, परिवार का सहारा छिना
हेम की मां ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा ही घर चलाता था। उन्होंने 2015 में अपने पति को खो दिया था। तब से हेम ने जिम्मेदारी संभाली। वह तीन भाइयों में बीच के थे। बड़ा भाई आर्थिक संकट से जूझ रहा है और छोटा भाई छठी कक्षा में पढ़ता है।
मां ने बताया कि हेम रोज शाम को काम पर जाते और सुबह लौटते। शुक्रवार को वह करीब साढ़े आठ बजे निकले। देर रात उनके एक दोस्त ने दरवाजा खटखटाया। उसने कहा कि रोहित घायल है। परिवार हेम को रोहित नाम से बुलाता था। मां ने अस्पताल पहुंचकर बेटे का शव देखा और बेहोश हो गईं।
“अब मेरा कोई नहीं रहा,” उन्होंने कहा। “पहले पति गया, अब बेटा भी चला गया। घर कौन चलाएगा?”
संघर्ष और जिम्मेदारी की कहानी
हेम ने चार साल पहले डिलीवरी का काम शुरू किया। वह रात में काम कर हर महीने तीन से चार हजार रुपये कमाते थे। हाल ही में उन्होंने लोन लेकर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी। स्कूटर की कीमत करीब 40 हजार रुपये थी। उन्होंने करीब 20 हजार रुपये उधार लिए।
परिवार एक कमरे के घर में रहता है। पिता की मौत के बाद मां ने घरेलू काम कर बच्चों को पाला। बाद में आंखों की बीमारी और उच्च रक्तचाप ने उन्हें काम छोड़ने पर मजबूर किया। तब हेम ने घर की पूरी जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने मां की मोतियाबिंद सर्जरी भी कराई।
बड़े भाई के फोटोग्राफी कारोबार में घाटा हुआ। कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी भी हेम ने संभाली। आर्थिक तंगी के कारण वह पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। उन्होंने स्कूल के बाद सीधे काम शुरू किया।
तेज रफ्तार और लापरवाही के आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि कार 120 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि कार में सवार लोग नशे में दिख रहे थे। टक्कर के बाद दोनों युवक भागने की कोशिश करने लगे। पास के पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने चालक मोहित कुमार, 27, को हिरासत में लिया। वह नजफगढ़ का निवासी है और एमसीडी में ठेकेदार के रूप में काम करता है। पुलिस ने कार जब्त कर ली है। परिवार ने दावा किया कि चालक पर पहले से कई ट्रैफिक चालान लंबित थे।
न्याय की मांग
हेम की चचेरी बहन सुमन ने गुस्सा जताया। उन्होंने कहा कि लापरवाह और नशे में ड्राइविंग ने उनके परिवार की रोशनी छीन ली। उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, हेम के बहनोई ने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने मुआवजे को लेकर संपर्क किया है। फिर भी परिवार कहता है कि पैसों से नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती।
अब मां केवल न्याय चाहती हैं। उनका कहना है कि कानून सख्त कदम उठाए ताकि किसी और मां को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।