नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने नीति आयोग में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। सरकार ने निधि छिब्बर को नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। वह फिलहाल नीति आयोग में विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय की महानिदेशक के रूप में काम कर रही हैं। उन्हें विशेष सचिव के पद के समकक्ष रैंक प्राप्त है।
अब वह सीईओ की जिम्मेदारी भी संभालेंगी। यह जिम्मेदारी उन्हें बीवीआर सुब्रह्मण्यम के कार्यकाल समाप्त होने के बाद मिली। सुब्रह्मण्यम ने 24 फरवरी 2026 को अपना विस्तारित कार्यकाल पूरा किया। इसके साथ ही नीति आयोग में नेतृत्व का नया चरण शुरू हुआ।
निधि छिब्बर 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह छत्तीसगढ़ कैडर से आती हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई अहम पद संभाले हैं। वर्तमान में वह सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की निगरानी और मूल्यांकन का नेतृत्व करती हैं। इसलिए उन्हें नीतियों के क्रियान्वयन और परिणामों की गहरी समझ है।
इसके अलावा, सरकार ने उन्हें पहले ही भारत सरकार में सचिव या सचिव समकक्ष पद के लिए एम्पैनल कर रखा है। यह उनकी वरिष्ठता और प्रशासनिक अनुभव को दर्शाता है।
दूसरी ओर, बीवीआर सुब्रह्मण्यम 1987 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में नीति आयोग के कई अहम कार्यक्रमों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत किया और विकास एजेंडा आगे बढ़ाया।
अब निधि छिब्बर दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगी। वह मूल्यांकन कार्य के साथ-साथ नीति आयोग के सीईओ के रूप में रणनीतिक दिशा भी तय करेंगी। इस बदलाव से नीति आयोग की कार्यप्रणाली में निरंतरता बनी रहेगी।