एल मेन्चो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। वह देश के सबसे ताकतवर आपराधिक गिरोह जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल यानी CJNG का सरगना था। पिछले एक दशक में इस संगठन ने तेजी से विस्तार किया। इसने मेक्सिको के कई इलाकों में अपना दबदबा बनाया। साथ ही इस गिरोह ने अमेरिका तक मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क खड़ा किया।
जैसे ही उसकी मौत की खबर फैली, कई राज्यों में हिंसा भड़क उठी। सबसे पहले जालिस्को में उपद्रव दिखा। हथियारबंद लोगों ने गाड़ियों में आग लगाई। उन्होंने राजमार्गों पर ट्रक खड़े कर रास्ते रोके। कई जगहों पर जबरन वाहन रुकवाए गए। इसके बाद हिंसा तमाउलिपास, मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन तक फैल गई।
उधर सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए। प्यूर्टो वालार्टा शहर के ऊपर धुएं के गुबार दिखे। लोग हवाई अड्डे की ओर भागते नजर आए। वहीं ग्वाडलहारा में जलती गाड़ियों ने मुख्य सड़कों को जाम कर दिया। दुकानदारों ने शटर गिराए। स्कूलों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी कर दी।
स्थिति बिगड़ती देख राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें पूरी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद जालिस्को के गवर्नर पाब्लो लेमुस नवारो ने लोगों से घरों में रहने को कहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षाबल हालात पर काबू पा लेंगे।
दरअसल हाल के महीनों में अमेरिका ने मेक्सिको पर दबाव बढ़ाया था। अमेरिकी प्रशासन ने ड्रग तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने पहले ही CJNG को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। अमेरिका ने एल मेन्चो की गिरफ्तारी या सजा दिलाने वाली सूचना के लिए 15 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित किया था।
अमेरिकी अधिकारियों ने उस पर कोकीन, मेथामफेटामिन और फेंटेनिल की खेप उत्तर अमेरिका भेजने का आरोप लगाया। उसकी मौत के बाद अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहेगा।
इस बीच अमेरिका के विदेश विभाग ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह जारी की। विभाग ने जालिस्को समेत कई राज्यों में लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने को कहा। कनाडा ने भी प्यूर्टो वालार्टा में मौजूद अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि एल मेन्चो ने CJNG को एक क्षेत्रीय गिरोह से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बदला। उसने भारी हथियारों और सैन्य शैली के काफिलों का इस्तेमाल किया। उसने खुलेआम ताकत का प्रदर्शन किया। इसी रणनीति से उसने प्रतिद्वंद्वियों और प्रशासन पर दबाव बनाया।
अब उसके अंत के बाद नया सवाल खड़ा हो गया है। क्या गिरोह बिखरेगा या नया नेतृत्व उभरेगा? फिलहाल सुरक्षाबल लगातार गश्त कर रहे हैं। सरकार हालात पर नजर रखे हुए है। आने वाले दिन मेक्सिको की सुरक्षा स्थिति तय करेंगे।