अमेरिका सप्ताहांत तक ईरान पर हमले को तैयार, ट्रंप ने अभी मंजूरी नहीं दी
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच अमेरिका ने सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका इस सप्ताहांत तक ईरान पर हमला करने की स्थिति में है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम मंजूरी नहीं दी है।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने व्हाइट हाउस को जानकारी दी कि सेना कुछ दिनों में कार्रवाई कर सकती है। इसलिए वॉशिंगटन ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई। उसने वायु और नौसैनिक संसाधनों की तैनाती तेज की। इस कदम ने संकेत दिया कि प्रशासन हर विकल्प खुला रखना चाहता है।
बुधवार को ट्रंप प्रशासन के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में जुटे। उन्होंने खुफिया जानकारी की समीक्षा की। उन्होंने संभावित रणनीतियों पर चर्चा की। इसके अलावा, ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर से ब्रीफिंग ली। फिर भी, ट्रंप ने अभी तक हमले पर अंतिम निर्णय नहीं लिया। सूत्रों का कहना है कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप के सामने कई विकल्प रखे। इन विकल्पों का उद्देश्य ईरान को भारी नुकसान पहुंचाना है। कुछ योजनाएं ईरानी राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाने की बात करती हैं। हालांकि प्रशासन ने इन दावों पर सार्वजनिक पुष्टि नहीं की।
इसी दौरान, अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई। प्रशासन ने दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने का आदेश दिया। यूएसएस अब्राहम लिंकन करीब 80 विमानों के साथ ईरानी तट से लगभग 700 किलोमीटर दूरी पर मौजूद है। उपग्रह तस्वीरें इसकी पुष्टि करती हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी वायुसेना ने ब्रिटेन से अपने टैंकर और फाइटर जेट्स को मध्य पूर्व की ओर मोड़ा। उड़ान आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी कार्गो विमानों ने जॉर्डन, बहरीन और सऊदी अरब में उपकरण पहुंचाए। ये कदम स्पष्ट संकेत देते हैं कि वॉशिंगटन तेजी से प्रतिक्रिया देने की तैयारी कर रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन शुरू किया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने होरमुज जलडमरूमध्य में युद्धाभ्यास शुरू किया। कुछ ईरानी नेताओं ने इस रणनीतिक मार्ग को बंद करने की चेतावनी दी। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए अहम मार्ग है। इसलिए किसी भी बाधा से वैश्विक बाजार प्रभावित हो सकता है।
हालांकि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ईरान को समझौते की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिनेवा वार्ता में थोड़ी प्रगति हुई। फिर भी, दोनों पक्ष कई मुद्दों पर दूर खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप पहले कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं।
तेहरान से भी संदेश आया। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि ईरान भविष्य की वार्ता के लिए ढांचा तैयार कर रहा है। वहीं राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता। हालांकि उन्होंने बाहरी दबाव को स्वीकार करने से इनकार किया।
इसी बीच, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
फिलहाल हालात अनिश्चित बने हुए हैं। सैन्य तैयारियां जारी हैं। कूटनीतिक बातचीत भी चल रही है। अब सबकी नजर ट्रंप के अगले कदम पर टिकी है।
