AI इम्पैक्ट समिट 2026: “हम हाइपर प्रोग्रेस की दहलीज पर हैं,” सुंदर पिचाई का बड़ा बयान

0
ai (1)

भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने चौथे दिन वैश्विक मंच पर अपनी ताकत दिखाई। नई दिल्ली के भारत मंडपम में नेताओं और उद्योग जगत की बड़ी हस्तियां जुटीं। समिट ने भारत की बढ़ती एआई क्षमता को केंद्र में रखा। साथ ही, इसने दुनिया का ध्यान भारतीय नवाचार की ओर खींचा।

सबसे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम सुबह लगभग 9:40 बजे शुरू हुआ। नेताओं ने एआई सहयोग, नवाचार और जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की अपील की।

इसके बाद, मोदी ने 11 बजे के आसपास इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का दौरा किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और रक्षा क्षेत्रों में एआई के उपयोग को देखा। साथ ही, उन्होंने भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया।

दोपहर में नेताओं की पूर्ण बैठक आयोजित हुई। भारत मंडपम में आयोजित इस सत्र में कई देशों के प्रमुख, मंत्री और बहुपक्षीय संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय और वैश्विक एआई प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने गवर्नेंस, डिजिटल ढांचा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विचार रखा। इसके अलावा, उन्होंने डेटा सुरक्षा और नैतिक मानकों पर भी बात की। मोदी ने इस सत्र में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने समावेशी और सुरक्षित एआई विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

शाम को मोदी ने सीईओ राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लिया। बैठक लगभग 5:30 बजे शुरू हुई। इसमें वैश्विक तकनीकी और औद्योगिक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मोदी ने निवेश, शोध सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा की। उन्होंने एआई प्रणालियों के तेज और जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने भारत में अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया।

इसी बीच, चौथे दिन का मुख्य आकर्षण गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का संबोधन रहा। उन्होंने अपने भाषण में भविष्य को लेकर आशावाद जताया। उन्होंने कहा, “हम हाइपर प्रोग्रेस की दहलीज पर हैं।” उन्होंने एआई, मशीन लर्निंग और कंप्यूटिंग क्षमता में तेज प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एआई अब उद्योगों और समाज को तेजी से बदल रहा है।

पिचाई ने भारत के उभरते तकनीकी केंद्रों की भी चर्चा की। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि विशाखापट्टनम एआई विकास में अहम भूमिका निभाएगा। हालांकि, आज यह शहर नई पहचान बना चुका है। उन्होंने स्थानीय प्रतिभा और नीति समर्थन की सराहना की।

इसके साथ ही, मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने समिट में दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक और परंपरा को साथ लेकर आगे बढ़ता है।

इस तरह, समिट के चौथे दिन भारत ने एआई के क्षेत्र में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। नेताओं ने दिशा तय की। उद्योग जगत ने निवेश संकेत दिए। और तकनीकी विशेषज्ञों ने भविष्य की रफ्तार स्पष्ट कर दी।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News