दिल्ली के द्वारका में हुए जानलेवा एसयूवी हादसे के बाद अब जांच तेज हो गई है। इस हादसे में 23 वर्षीय साहिल धनैशरा की मौके पर मौत हो गई थी। अब आरोपी के पिता ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने गहरा दुख जताया है। साथ ही पुलिस कार्रवाई का सामना करने की बात कही है।
सबसे पहले, यह हादसा 3 फरवरी को सुबह करीब 11:50 बजे हुआ। सेक्टर-11 में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने यामाहा आर15 बाइक को टक्कर मार दी। बाइक पर साहिल धनैशरा सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद गाड़ी एक खड़ी स्विफ्ट डिजायर से भी टकराई। इस टक्कर में कैब चालक अजीत सिंह घायल हो गए।
इसके तुरंत बाद, मौके पर Delhi Police पहुंची। पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लिया। जांच में सामने आया कि गाड़ी 17 वर्षीय अक्षत्रा सिंह चला रहा था।
इसके बाद डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट में खोपड़ी, पसलियों और कोहनी में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। रिपोर्ट ने साफ किया कि टक्कर बेहद गंभीर थी।
इसी बीच, पुलिस ने लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया। अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता की धाराएं जोड़ीं। उन्होंने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया।
फिर पुलिस ने आरोपी के पिता से पूछताछ की। आरोपी के पिता ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं। पूछताछ के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि मेरा बेटा गाड़ी चला रहा था। मैं उस समय शहर में नहीं था। मेरी पत्नी ने मुझे हादसे की जानकारी दी।”
उन्होंने आगे कहा कि वह इस घटना से बेहद दुखी हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार के दर्द को समझने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह कानून का पूरा पालन करेंगे।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि गाड़ी उनके व्यावसायिक काम में इस्तेमाल होती है। उन्होंने कहा कि पहले लगे चालान ड्राइवरों की वजह से थे। उन्होंने अपने बेटे को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने इस हादसे को परिवार के लिए भी दुखद बताया।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया। पुलिस ने जो दस्तावेज मांगे, उन्होंने तुरंत सौंप दिए। उन्होंने सोशल मीडिया वीडियो से जुड़े आरोपों को भी खारिज किया।
इसके बाद, द्वारका के डीसीपी Ankit Singh ने बयान दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत आरोपी के पिता पर भी मामला दर्ज किया है। यह धारा नाबालिग द्वारा अपराध करने पर अभिभावक को जिम्मेदार ठहराती है।
डीसीपी ने बताया कि शुरुआत में आरोपी ने अपनी उम्र छिपाई थी। बाद में जांच में सच्चाई सामने आई। अब पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
इसके बाद, 4 फरवरी को किशोर को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया। बोर्ड ने उसे ऑब्जर्वेशन होम भेजा। फिर 10 फरवरी को बोर्ड ने परीक्षा के लिए अंतरिम जमानत दी।
इस बीच, साहिल की मां ने भी अपना दर्द जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा कार्यस्थल से केवल दस मिनट दूर था। एक लापरवाह किशोर ने उसकी जान ले ली। उन्होंने मदद देर से मिलने की शिकायत की।
उन्होंने कहा, “मेरा बेटा दस मिनट तक सड़क पर पड़ा रहा। समय पर मदद नहीं मिली। उस लड़के को गाड़ी नहीं चलानी चाहिए थी। मैं सख्त कार्रवाई चाहती हूं।”
साहिल एक बीमा कंपनी में पार्ट-टाइम काम करता था। वह आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन जाने की योजना बना रहा था। अब उसकी मौत से परिवार के सपने टूट गए।
फिलहाल, पुलिस सबूत जुटा रही है। अधिकारी जल्द जांच पूरी करने का दावा कर रहे हैं। प्रशासन इस मामले को सड़क सुरक्षा के लिए चेतावनी मान रहा है। साथ ही नाबालिग ड्राइविंग पर सख्ती का संदेश दे रहा है।