जम्मू-कश्मीर में पर्यटन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। सोमवार को मनोज सिन्हा ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने 14 प्रमुख पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने की घोषणा की। ये स्थल पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बंद कर दिए गए थे।
सबसे पहले, प्रशासन ने सुरक्षा हालात की समीक्षा की। फिर सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट दी। इसके बाद सरकार ने अंतिम मंजूरी दी। अंत में, उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की।
एलजी कार्यालय ने कहा कि सरकार ने पूरी जांच के बाद यह फैसला लिया। अधिकारियों ने साफ किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसलिए हर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है।
पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई पर्यटन स्थल बंद कर दिए थे। इस घटना से पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगा था।
अब सरकार हालात सामान्य करने की कोशिश कर रही है।
कश्मीर डिवीजन में 11 पर्यटन स्थल फिर से खुले हैं। इनमें बडगाम के यूसमर्ग और दूधपथरी शामिल हैं। कोकरनाग का डंडीपोरा पार्क भी खुल गया है। शोपियां के पीर की गली, डुबजान और पदपावन भी अब पर्यटकों के लिए उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, श्रीनगर का अस्तानपोरा और ट्यूलिप गार्डन फिर से खुला है। गांदरबल का थाजिवास ग्लेशियर और हंग पार्क भी सूची में शामिल हैं। बारामूला का वुलर-वतलाब क्षेत्र भी अब पर्यटकों का स्वागत करेगा।
इसी तरह, जम्मू डिवीजन में तीन स्थल खुले हैं। इनमें रियासी का देवी पिंडी, रामबन का माहू मंगत और किश्तवाड़ का मुगल मैदान शामिल है। अधिकारी कहते हैं कि इन स्थानों पर तुरंत प्रवेश की अनुमति मिल गई है।
हालांकि, कुछ इलाकों में अभी इंतजार करना होगा।
कश्मीर के गुरेज, अथवाटू और बांगुस फिलहाल बंद रहेंगे। जम्मू के रामबन में रामकुंड भी अभी नहीं खुलेगा। प्रशासन का कहना है कि बर्फ हटने के बाद ही इन जगहों को खोला जाएगा।
इस बीच, पर्यटन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई है। प्रशासन ने होटल और टूर ऑपरेटरों से भी समन्वय किया है। स्थानीय प्रशासन रोज हालात की समीक्षा कर रहा है।
स्थानीय कारोबारियों ने फैसले का स्वागत किया है।
होटल मालिकों का कहना है कि हमले के बाद बुकिंग गिर गई थी। टूर ऑपरेटरों को भारी नुकसान हुआ था। दुकानदारों की आमदनी भी घट गई थी। अब उन्हें धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।
पिछले साल सरकार ने 12 पर्यटन स्थल चरणबद्ध तरीके से खोले थे। इनमें अरु वैली, पदशाही पार्क और राफ्टिंग प्वाइंट शामिल थे। उस फैसले से पर्यटन को कुछ राहत मिली थी।
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। उन्होंने पर्यटन स्थलों के आक्रामक प्रचार पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम अहम है। इससे रोजगार बढ़ेगा। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
कुल मिलाकर, 14 पर्यटन स्थलों का दोबारा खुलना सकारात्मक संकेत है। प्रशासन सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाना चाहता है। सरकार भरोसा लौटाने की कोशिश कर रही है।
आने वाले दिनों में हालात की लगातार समीक्षा होगी। स्थिति बेहतर रहने पर और स्थल खोले जाएंगे। फिलहाल, सरकार सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है।