प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज मुंबई में अहम बातचीत की। सबसे पहले, दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संदेश दिया। फिर उन्होंने रक्षा और तकनीक पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। अंत में, उन्होंने भविष्य की साझा योजनाओं पर सहमति जताई।
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर मैक्रों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दौरा रिश्तों को नई ऊर्जा देगा। इसके बाद, राष्ट्रपति मैक्रों ने भी अपनी यात्रा को लेकर संदेश साझा किया। उन्होंने बताया कि वे व्यापार, उद्योग, संस्कृति और डिजिटल क्षेत्र के नेताओं के साथ आए हैं।
सोमवार रात मैक्रों मुंबई पहुंचे। उनके साथ प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों भी रहीं। महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया। अधिकारियों ने इसे अहम राजनयिक दौरा बताया। यह भारत की उनकी चौथी यात्रा है।
मंगलवार को दोनों नेताओं ने औपचारिक बैठक की। उन्होंने भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर विचार साझा किए।
इसके बाद, दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापनों पर बातचीत की। इन समझौतों में रक्षा, नवाचार और औद्योगिक सहयोग शामिल है। नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने भरोसे और सहयोग को रिश्तों की नींव बताया।
रक्षा सहयोग बैठक का प्रमुख विषय रहा। भारतीय और फ्रांसीसी रक्षा मंत्रियों ने अलग से वार्ता की। उन्होंने मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने नए प्रस्तावों पर भी चर्चा की।
विशेष रूप से, HAMMER मिसाइल प्रणाली पर बात हुई। यह प्रणाली भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों से जुड़ी है। दोनों देशों ने राफेल के अपग्रेड और रखरखाव पर भी चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त उत्पादन पर जोर दिया।
इसके साथ ही, मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर, ड्रोन और इंजन निर्माण पर बात हुई। नौसैनिक विमानन और अंतरिक्ष तकनीक पर भी सहयोग की योजना बनी। अधिकारियों ने फ्रांस को भारत का भरोसेमंद रक्षा साझेदार बताया।
रक्षा के बाद, बातचीत का केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रहा। दोनों नेताओं ने AI Impact Summit की तैयारी पर चर्चा की। उन्होंने सुरक्षित और जिम्मेदार AI विकास का समर्थन किया। उन्होंने स्टार्टअप और शोध संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही।
शाम को, मोदी और मैक्रों ने भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने उद्यमियों, वैज्ञानिकों और निवेशकों से मुलाकात की। उन्होंने संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा दिया। उन्होंने निजी क्षेत्र को साझेदारी के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा वैश्विक बदलावों से जुड़ा है। यूरोप एशिया में मजबूत साझेदारी चाहता है। भारत भी अपने रणनीतिक विकल्प बढ़ा रहा है। फ्रांस इस रणनीति में अहम भूमिका निभा रहा है।
बुधवार को मैक्रों नई दिल्ली जाएंगे। वे वहां अन्य द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। गुरुवार को वे AI Impact Summit में शामिल होंगे। इसके बाद वे पेरिस लौटेंगे।
कुल मिलाकर, मुंबई बैठक ने दौरे की दिशा तय की। मोदी और मैक्रों ने रक्षा समझौतों को आगे बढ़ाया। उन्होंने तकनीकी सहयोग को प्राथमिकता दी। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत और फ्रांस भविष्य में साथ आगे बढ़ेंगे।