नई दिल्ली/कोलंबो – भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहुप्रतीक्षित मुकाबला आखिरकार तय कार्यक्रम पर लौट आया है। पिछले दस दिनों से इस मैच पर संकट मंडरा रहा था। राजनीतिक दबाव, प्रशासनिक मतभेद और आर्थिक नुकसान की आशंका ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था। हालांकि, समय पर बातचीत और कूटनीतिक पहल ने स्थिति संभाल ली।
सबसे पहले, पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का संकेत दिया। इसके बाद ICC के अधिकारियों में चिंता बढ़ गई। उन्हें भारी राजस्व नुकसान का डर सताने लगा। साथ ही, टूर्नामेंट की साख पर भी सवाल खड़े होने लगे।
इसके बाद, ICC ने सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन ने डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और मुबाशिर उस्मानी को पाकिस्तान भेजा। दोनों ने लाहौर में PCB और BCB के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक गद्दाफी स्टेडियम में हुई। बातचीत करीब तीन घंटे चली। इस दौरान सभी पक्षों ने अपनी चिंताएं खुलकर रखीं।
इसी बीच, मुबाशिर उस्मानी ने अहम जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने लगातार सभी पक्षों से संपर्क बनाए रखा। उन्होंने मतभेद कम करने पर जोर दिया। उन्होंने भरोसे का माहौल तैयार किया। साथ ही, उन्होंने समाधान का व्यावहारिक रास्ता भी सुझाया।
उधर, पाकिस्तान सरकार ने भी रुख बदला। उसने टीम को भारत के खिलाफ खेलने की अनुमति दी। यह फैसला ICC के आश्वासन के बाद आया। संगठन ने साफ किया कि बांग्लादेश पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा। इसके अलावा, उसे भविष्य में एक टूर्नामेंट की मेजबानी भी मिलेगी।
इसके बाद, हालात तेजी से बदले। PCB प्रमुख मोहसिन नकवी ने BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम को लाहौर बुलाया। दोनों नेताओं ने आमने-सामने चर्चा की। इसी दौरान, ICC प्रतिनिधिमंडल भी बैठक में शामिल हुआ। तीनों पक्षों ने साझा समाधान पर सहमति बनाई।
हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। 9 फरवरी को बैक-चैनल बातचीत भी चली। अंतिम समय में कुछ बिंदुओं पर अड़चन आई। फिर भी, उस्मानी ने पहल जारी रखी। उन्होंने लगातार समाधान पर काम किया। अंत तक उन्होंने समझौते को पटरी पर बनाए रखा।
इसी बीच, PCB ने फोर्स मेज्योर क्लॉज का हवाला दिया। संगठन ने ICC से औपचारिक बातचीत की। दोनों पक्षों के बीच कई दौर चले। आखिरकार, व्यावहारिक सहमति बनी।
सोमवार को बड़ा फैसला सामने आया। BCB ने PCB से मैच खेलने की अपील की। कुछ ही मिनटों बाद ICC ने आधिकारिक घोषणा कर दी। संगठन ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। इसके साथ ही मैच को हरी झंडी मिल गई।
अब पाकिस्तान टीम 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के खिलाफ मैदान में उतरेगी। प्रशंसकों में फिर से उत्साह लौट आया है। प्रसारकों और प्रायोजकों ने भी राहत की सांस ली है।
अंततः, संवाद और सहयोग ने संकट को टाल दिया। ICC, PCB और BCB ने जिम्मेदारी दिखाई। उन्होंने खेल को राजनीति से ऊपर रखा। यही वजह है कि दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मुकाबला एक बार फिर पटरी पर लौट आया।