नई दिल्ली में एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक फर्जी बाबा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पैसों का लालच देकर तीन लोगों की हत्या की। उसने कार के अंदर ज़हर मिले लड्डू खिलाए। इसके बाद तीनों की मौके पर मौत हो गई।
आरोपी की पहचान कमरुद्दीन के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है। वह खुद को बाबा बताकर लोगों को ठगता था। पुलिस को शक है कि वह सात हत्याओं में शामिल रहा है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह नकली धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर लोगों को फंसाता था। फिर वह उन्हें ज़हरीले लड्डू खिलाता था।
सबसे पहले, उसने दो बुजुर्ग पुरुषों को अपने जाल में फंसाया। उसने कहा कि एक खास पूजा से उनकी किस्मत बदल जाएगी। उसने उन्हें बड़ी दौलत मिलने का सपना दिखाया। दोनों ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया।
इसके बाद, उसने कहा कि पूजा के लिए लंबे बालों वाली महिला जरूरी है। फिर उसने लक्ष्मी देवी को अपने साथ जोड़ा। लक्ष्मी देवी की उम्र 40 साल थी। वह भी बाबा की बातों में आ गई।
तीनों पीड़ितों में 76 वर्षीय रंधीर और 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह शामिल थे। वे सभी एक पुराने एसयूवी में कमरुद्दीन के साथ सफर कर रहे थे। बाद में पुलिस ने उसी कार से तीनों के शव बरामद किए।
अनुष्ठान के दौरान कमरुद्दीन ने लड्डू बांटे। उसने कहा कि ये प्रसाद हैं। उसने दावा किया कि इन्हें खाने से चमत्कार होगा। लेकिन उसने उनमें नींद की गोलियां और जहरीले पदार्थ मिला दिए थे। जैसे ही तीनों ने लड्डू खाए, उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
इस बीच, कमरुद्दीन ने मानसिक दबाव भी बनाया। उसने लक्ष्मी देवी से कहा कि हाथ पर कट होने से वह पूजा के लायक नहीं है। उसने कहा कि उसे धन नहीं मिलेगा। इससे वह डर गई और पूरी तरह उस पर निर्भर हो गई।
इसके बाद तीनों बेहोश हो गए। कमरुद्दीन ने उनके पैसे और कीमती सामान ले लिए। फिर वह कार छोड़कर फरार हो गया।
शुरुआत में मामला संदिग्ध लगा। परिजनों ने आत्महत्या की थ्योरी को खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। उन्होंने मोबाइल लोकेशन ट्रैक की। उन्होंने कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की।
जांच में सामने आया कि पीड़ित लगातार कमरुद्दीन के संपर्क में थे। वे घटना से पहले गाजियाबाद के लोनी भी गए थे। वे एक दिन पहले भी वहां पहुंचे थे। फिर हादसे वाले दिन दोबारा गए।
इसके अलावा, पुलिस को पता चला कि दिल्ली लौटते समय कमरुद्दीन भी कार में मौजूद था। इससे उस पर शक और गहरा गया।
डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी और फील्ड जांच से केस सुलझाया। उन्होंने कहा कि आरोपी ने सुनियोजित साजिश रची। उसका मकसद हत्या और लूट था।
अब पुलिस उसके पुराने संपर्कों की जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि क्या कोई और इसमें शामिल है। वे उसके बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड को भी खंगाल रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी फर्जी बाबा के झांसे में न आएं। यह मामला अंधविश्वास और लालच के खतरनाक नतीजों की चेतावनी देता है।