आखिरकार पाकिस्तान सरकार ने अपना फैसला बदल दिया। उसने भारतीय टीम के खिलाफ खेलने की अनुमति दे दी। अब दोनों टीमें 15 फरवरी 2025 को कोलंबो में भिड़ेंगी। यह मैच आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होगा। इससे टूर्नामेंट पर छाया संकट खत्म हो गया।
पहले, पाकिस्तान सरकार ने टीम को भारत के खिलाफ खेलने से रोका था। इससे ग्रुप-ए का सबसे बड़ा मुकाबला खतरे में पड़ गया था। हालांकि, आठ दिन के भीतर सरकार ने रुख बदल लिया। इसके बाद हालात तेजी से बदले।
इस बीच, ICC का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा। उसने PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी से बातचीत की। दोनों पक्षों ने टूर्नामेंट की स्थिति पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने भविष्य की रणनीति पर भी विचार किया।
इसके बाद, पाकिस्तान सरकार ने अपना पक्ष रखा। उसने कहा कि वह क्रिकेट की भावना बचाना चाहती है। साथ ही, वह वैश्विक खेल व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखना चाहती है। इसलिए उसने टीम को खेलने की मंजूरी दी।
उधर, मैच की पुष्टि होते ही ICC ने बयान जारी किया। परिषद ने बताया कि 8 फरवरी को PCB के साथ बातचीत हुई थी। यह बैठक व्यापक संवाद का हिस्सा थी। इसका मकसद सभी बोर्ड को एक मंच पर लाना था।
ICC ने साफ कहा कि सभी सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का सम्मान करेंगे। उसने यह भी जोड़ा कि हर बोर्ड को नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा, परिषद ने सहयोग और पारदर्शिता पर जोर दिया।
सोमवार को ICC ने बांग्लादेश को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उसने कहा कि बांग्लादेश पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा। इससे पहले, सुरक्षा कारणों से टीम ने भारत जाने से इनकार कर दिया था। इसके चलते टूर्नामेंट में स्कॉटलैंड को मौका मिला था।
हालांकि, ICC ने बांग्लादेश को भरोसा दिलाया। उसने कहा कि वह देश में क्रिकेट के विकास को जारी रखेगा। परिषद ने बांग्लादेश को मजबूत बाजार बताया। साथ ही, उसने 20 करोड़ से ज्यादा प्रशंसकों का भी जिक्र किया।
इसके अलावा, ICC ने एक और बड़ा फैसला लिया। उसने बांग्लादेश को 2031 विश्व कप से पहले एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी सौंपी। इससे बोर्ड का भरोसा बढ़ा।
रविवार को BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम भी अहम बैठक में शामिल हुए। उन्होंने ICC और PCB के साथ अपनी मांगें रखीं। साथ ही, उन्होंने सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर बात की।
इसके बाद, ICC ने एक और बयान जारी किया। इस बयान ने पाकिस्तान के फैसले की जमीन तैयार की। जानकारों ने इसे निर्णायक मोड़ माना। खासकर प्रसारकों ने इस फैसले का स्वागत किया।
दरअसल, भारत-पाक मैच से भारी कमाई होती है। इससे ब्रॉडकास्टर, प्रायोजक और बोर्ड सभी को फायदा मिलता है। इसलिए सभी पक्ष समाधान चाहते थे।
इसी बीच, ICC ने बांग्लादेश पर प्रतिबंध न लगाने की पुष्टि की। इसके तुरंत बाद, BCB प्रमुख ने पाकिस्तान से मैच खेलने की अपील की। यह पाकिस्तान के नरम रुख का पहला संकेत था।
आखिरकार, पाकिस्तान ने सहमति दे दी। इससे लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो गई। अब टूर्नामेंट पटरी पर लौट आया है।
कुल मिलाकर, इस पूरे घटनाक्रम में ICC ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उसने संवाद के जरिए समाधान निकाला। उसने यह संदेश भी दिया कि क्रिकेट सहयोग से ही आगे बढ़ता है। अब सभी की नजरें मैदान पर होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं।