सोमवार को शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। निवेशकों ने नए हफ्ते की शुरुआत भरोसे के साथ की। भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते की खबरों ने माहौल को बेहतर बनाया। इसके साथ ही, ग्लोबल संकेतों ने भी समर्थन दिया।
सबसे पहले, निफ्टी 50 में तेजी दिखी। यह 0.45 प्रतिशत चढ़कर 25,808.5 पर पहुंच गया। वहीं, सेंसेक्स 0.5 प्रतिशत उछलकर 83,995.64 के स्तर पर पहुंचा। सुबह 9:15 बजे तक बाजार पूरी तरह हरे निशान में रहा।
इसके बाद, सेक्टोरल प्रदर्शन मजबूत बना रहा। 16 में से 15 सेक्टरों में तेजी दर्ज हुई। बैंकिंग, मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी बढ़ी। रियल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में भी उछाल आया। इसलिए बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही।
साथ ही, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोश दिखा। मिडकैप इंडेक्स 0.9 प्रतिशत चढ़ा। स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा। निवेशकों ने रिस्क लेने की इच्छा दिखाई।
इस तेजी के पीछे अहम वजह ट्रेड डील रही। शुक्रवार को भारत और अमेरिका ने अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पेश किया। इसका मकसद टैरिफ कम करना है। साथ ही, ऊर्जा साझेदारी और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। निवेशकों ने इस कदम का स्वागत किया।
इसी बीच, एसबीआई के मजबूत नतीजों ने बैंकिंग सेक्टर को सहारा दिया। अच्छे मुनाफे और बेहतर प्रदर्शन से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। नतीजतन, पीएसयू और प्राइवेट बैंक शेयरों में तेजी आई।
वैश्विक बाजारों ने भी सहयोग किया। एशियाई बाजारों में मजबूती दिखी। जापान का निक्केई 57,000 के पार पहुंच गया। प्रधानमंत्री साने ताकाइची की चुनावी जीत से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। वहीं, अमेरिका में डाउ जोंस 50,000 के पार चला गया।
घरेलू बाजार में कई दिग्गज शेयर चमके। एसबीआई, श्रीराम फाइनेंस और टाटा स्टील टॉप गेनर्स बने। रिलायंस इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी खरीदारी दिखी। पीएफसी और आरईसी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
इसके अलावा, सीमेंट और फार्मा शेयरों में भी हलचल रही। श्री सीमेंट्स, बायोकॉन और औरोबिंदो फार्मा में तेजी आई। बीईएमएल और टाटा केमिकल्स भी ऊपर चढ़े।
सोमवार को कई कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं। इनमें जायडस लाइफसाइंसेज, बजाज इलेक्ट्रिकल्स, बाटा इंडिया और जीएसके फार्मा शामिल हैं। हैप्पिएस्ट माइंड्स, नविन फ्लोरीन और रामको सीमेंट्स पर भी नजर रही। इसलिए स्टॉक-विशेष गतिविधि तेज रही।
इस दौरान, सोना और चांदी ईटीएफ में भी जोरदार उछाल आया। इन फंड्स में 12 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया। कमजोर डॉलर और सस्ती खरीदारी ने कीमतों को सहारा दिया।
कॉरपोरेट खबरों में फोर्स मोटर्स चर्चा में रही। शेयर 52 हफ्ते के उच्च स्तर 22,200 रुपये तक पहुंच गया। कंपनी ने वीरा टैनरीज के अधिग्रहण के लिए समझौता किया। डील की कीमत 175 करोड़ रुपये तय हुई।
वहीं, वोडाफोन आइडिया के शेयरों में भी मजबूती दिखी। एक महीने में शेयर 2 प्रतिशत बढ़ा। तीन महीने में 20 प्रतिशत की तेजी आई। बिरला समूह की खरीदारी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ट्रेड डील, नतीजे और वैश्विक संकेत दिशा तय करेंगे। हालांकि, मजबूत घरेलू आधार बाजार को सहारा दे सकता है।
अंत में, ट्रेड समझौते, बेहतर नतीजों और ग्लोबल मजबूती ने बाजार को ऊपर पहुंचाया। निवेशकों ने भरोसे के साथ खरीदारी की। आने वाले दिनों में नए संकेत बाजार की चाल तय करेंगे।