दलाइ लामा को पहला ग्रैमी, अमजद अली खान और पुत्रों संग एल्बम ने रचा इतिहास

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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने रविवार को इतिहास रच दिया। 90 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता। उन्होंने यह सम्मान अपने स्पोकन-वर्ड एल्बम Meditations: The Reflections of His Holiness the Dalai Lama के लिए हासिल किया।

यह एल्बम 1 फरवरी 2026 को लॉस एंजेलिस में आयोजित 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में सम्मानित हुआ। एल्बम ने बेस्ट ऑडियो बुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में जीत दर्ज की। इस श्रेणी में मुकाबला कड़ा रहा। ट्रेवर नोआ, केतनजी ब्राउन जैक्सन, कैथी गार्वर और फैब मोरवन भी नामांकन में शामिल रहे।

इस प्रोजेक्ट ने आध्यात्म और संगीत को एक मंच पर जोड़ा। दलाई लामा ने सरोद उस्ताद अमजद अली खान के साथ सहयोग किया। उनके पुत्र अमान अली बांगश और अयान अली बांगश भी इस एल्बम का हिस्सा बने। तीनों कलाकारों ने मिलकर शब्द और संगीत का संतुलन रचा।

एल्बम ने शांति, करुणा, दया और आशा जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को स्वर दिया। इसमें दलाई लामा की चिंतनशील वाणी भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ आगे बढ़ती है। इससे श्रोताओं को आत्मचिंतन और स्थिरता का अनुभव मिलता है।

इस जीत के साथ दलाई लामा 68वें ग्रैमी में पहली बार जीतने वाले अन्य दिग्गजों की सूची में शामिल हुए। इस सूची में प्रसिद्ध फिल्मकार स्टीवन स्पीलबर्ग का नाम भी रहा। इस तथ्य ने समारोह की विविधता और व्यापकता को रेखांकित किया।

पुरस्कार मिलने पर दलाई लामा ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने आभार और विनम्रता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह इस सम्मान को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानते। उन्होंने इसे साझा मानवीय जिम्मेदारी की पहचान बताया। उन्होंने शांति, करुणा और पर्यावरण संरक्षण को अनिवार्य बताया। उन्होंने मानवता की एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह संदेश आठ अरब लोगों के कल्याण के लिए जरूरी हैं।

समारोह में दलाई लामा की ओर से संगीतकार रूफस वेनराइट ने पुरस्कार ग्रहण किया। उन्होंने मंच पर इस क्षण को सम्मानजनक और प्रेरक बताया।

एल्बम की पृष्ठभूमि पर दलाई लामा कार्यालय के एक अधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एल्बम में दलाई लामा के विभिन्न भाषणों से संदेश लिए गए। ये भाषण करुणा, शांति, मानव एकता और पर्यावरण पर केंद्रित रहे।

नामांकन के समय अमजद अली खान ने भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने इस एल्बम को दिल के करीब बताया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग दलाई लामा की शिक्षाओं को नए स्वरूप में प्रस्तुत करता है। संगीत शांति और आशा के संदेश को आगे ले जाता है।

अमजद अली खान ने इस सहयोग को सौभाग्य बताया। उन्होंने सभी कलाकारों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हर कलाकार ने अपनी रचनात्मकता और आत्मा इस प्रोजेक्ट में डाली।

ग्लासनोट रिकॉर्ड्स की भागीदारी से इस एल्बम का निर्माण हुआ। इसमें दलाई लामा की ध्यानपूर्ण आवाज केंद्र में रही। साथ ही, विभिन्न परंपराओं से जुड़े वैश्विक कलाकारों ने इसे समृद्ध बनाया।

इससे पहले दलाई लामा नोबेल शांति पुरस्कार जीत चुके हैं। अब ग्रैमी सम्मान ने उनकी सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम दिया। यह उपलब्धि दिखाती है कि आध्यात्मिक संदेश संगीत के जरिए सीमाओं से परे पहुंच सकते हैं।


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