केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में कृषि को प्राथमिकता दी। उन्होंने किसानों को जोखिम घटाने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने आय बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने का रोडमैप रखा।
सबसे पहले, वित्त मंत्री ने भारत विस्तार की घोषणा की। यह एक नया AI आधारित डिजिटल टूल है। इसका लक्ष्य खेती को आसान और व्यवस्थित बनाना है। सरकार इसे कृषि के लिए टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के रूप में पेश कर रही है।
रविवार को बजट भाषण में उन्होंने बताया कि भारत विस्तार एक वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम होगा। यह कृषि संसाधनों तक आसान पहुंच देगा। यह टूल बहुभाषी होगा। इसलिए देश के अलग-अलग हिस्सों के किसान इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
भारत विस्तार, एग्री-स्टैक पोर्टल्स को ICAR के कृषि पैकेज से जोड़ेगा। इसके बाद AI सिस्टम डेटा का विश्लेषण करेगा। इससे किसानों को फसल चयन, बुवाई और देखभाल पर सटीक सलाह मिलेगी।
इसके अलावा, बजट ने जोखिम प्रबंधन पर फोकस रखा। मौसम बदलाव और बाजार उतार-चढ़ाव किसानों को प्रभावित करते हैं। इसलिए सरकार चाहती है कि किसान पहले से बेहतर योजना बनाएं। AI आधारित सलाह इसमें मदद करेगी।
इसके बाद, वित्त मंत्री ने फसल विविधीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक ही फसल पर निर्भरता जोखिम बढ़ाती है। विविध फसलें स्थिर आय देती हैं। इसलिए सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में हाई-वैल्यू फसलों को बढ़ावा देगी।
तटीय इलाकों में सरकार नारियल, चंदन, कोको और काजू को समर्थन देगी। ये फसलें बेहतर रिटर्न देती हैं। साथ ही, इनकी घरेलू और वैश्विक मांग मजबूत है।
पूर्वोत्तर राज्यों में सरकार अगरवुड यानी अगर के पेड़ों को बढ़ावा देगी। यह फसल स्थानीय जलवायु के अनुकूल है। इसके अलावा, इसका निर्यात मूल्य भी अधिक है।
पहाड़ी क्षेत्रों में सरकार नट्स पर फोकस करेगी। बादाम, अखरोट और पाइन नट्स को समर्थन मिलेगा। ये फसलें ठंडे इलाकों में अच्छी पैदावार देती हैं। साथ ही, किसानों को ज्यादा आय का मौका देती हैं।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कदम रोजगार भी बढ़ाएगा। खेती के साथ-साथ प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के अवसर बनेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इसके साथ ही, वित्त मंत्री ने नारियल उत्पादन पर विस्तार से बात की। भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक है। करीब 3 करोड़ लोग इस सेक्टर से जुड़े हैं। इनमें लगभग 1 करोड़ किसान शामिल हैं।
हालांकि, कई इलाकों में नारियल की उत्पादकता कम है। इसलिए बजट में नारियल प्रमोशन स्कीम की घोषणा हुई। इसका उद्देश्य उत्पादन और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।
इस योजना के तहत किसान पुराने और बेकार पेड़ों को हटाएंगे। उनकी जगह नए पौधे और उन्नत किस्में लगाएंगे। प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों को इसका लाभ मिलेगा।
सरकार वैज्ञानिक खेती को भी बढ़ावा देगी। बेहतर पौध, आधुनिक तकनीक और सही प्रबंधन से पैदावार बढ़ेगी। नतीजतन, किसानों की आय में सुधार होगा।
अपने भाषण में वित्त मंत्री ने साफ संदेश दिया। उन्होंने किसानों से तकनीक अपनाने को कहा। उन्होंने विविध खेती को जरूरी बताया। उन्होंने जोखिम घटाने की रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
कुल मिलाकर, बजट 2026 ने कृषि के लिए स्पष्ट दिशा दी। सरकार ने AI, फसल विविधीकरण और क्षेत्रीय समर्थन को जोड़ा। उद्देश्य साफ है—किसानों की आय सुरक्षित करना और भविष्य की चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करना।